साधुपुल में आवंटित भूमि की लीज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के इशारे पर रद करने के बाबा रामदेव के आरोप को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सिरे से खारिज कर दिया है।
उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार का फैसला है, जो पूरी प्रक्रिया अपनाकर लिया गया है। इसमें कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष का कोई रोल नहीं है। वह खुद रामदेव के योग के फैन हैं। जबकि स्वास्थ्य एवं राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि बाबा रामदेव योग गुरु कम, भाजपा के एजेंट ज्यादा हैं।
मुख्यमंत्री ने बाबा रामदेव पर राजनीतिक महत्वकांक्षाओं के कारण उद्देश्य से भटकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अब केस कोर्ट में है, इसलिए वह इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करेंगे।
स्वास्थ्य एवं राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि पतंजलि योगपीठ की जमीन के मामले पर सरकार ने सभी पहलुओं को खंगालते हुए करार गैर कानूनी पाए जाने पर मंत्रिमंडल की बैठक में लीज को रद करने का फैसला लिया है, क्योंकि लीज पर दी गई जमीन प्रदेश के लोगों की संपत्ति है।
कौल सिंह ने कहा कि सोलन में साधुपुल के पास इस जमीन को पटियाला के राजा ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को चिल्ड्रन पार्क बनाने के लिए दिया है। उस मकसद को सरकार पूरा करेगी।
उन्होंने कहा कि हिमाचल हाईकोर्ट ने भी विवादित भूमि की नेचर और कब्जे को यथावत बनाए रखने के आदेश दिए हैं। इसका प्रदेश सरकार पालन करेगी।