सेना भरती में गड़बड़झाले की आशंका कम होगी। इसे रोकने के लिए सेना ने नया तरीका निकाला है। भरती के दौरान अब उम्मीदवारों के फिंगर प्रिंट लिए जाएंगे।
मैदानी बाधा पार करने के बाद बॉयोमीट्रिक प्रणाली से उम्मीदवार की फोटो और फिंगर प्रिंट लिए जाएंगे। अगले चरण की प्रक्रिया में इनका मिलान किया जाएगा। लिखित परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी होगी।
हिमाचल में हमीरपुर के बड़ू पॉलीटेक्निक कॉलेज में तीन जिलों की होने जा रही भरती में इस प्रणाली को लागू किया जा रहा है। 3 से 11 दिसंबर से भरती होने जा रही है।
इसमें ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर के युवा भाग लेंगे। युवाओं को इस बार नई प्रणाली से गुजरना पड़ेगा। भरती प्रक्रिया के दौरान ग्राउंड की बाधा पार करने वाले उम्मीदवार के बॉयोमीट्रिक प्रणाली से फोटो, फिंगर प्रिंट लिए जाएंगे। ताकि, भरती के अगले दौर में उसकी पहचान की जा सके। भरती के लिए लिखित परीक्षा की बाधा भी इस बार मुश्किल होगी।
लिखित परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग का प्रयोग किया जाएगा। कंप्यूटर के माध्यम से उम्मीदवारों के पेपर चैक किए जाएंगे। सेना भरती कार्यालय हमीरपुर के निदेशक एवं कर्नल सुनील माथुर ने इसकी पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि भरती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से इस बार कंप्यूटर प्रणाली का प्रयोग किया जाएगा। बायोमीट्रिक फिंगर प्रिंट के अलावा लिखित परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग होगी।