पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में राज्य संचालित लॉटरी दोबारा शुरू करने के प्रस्ताव का विरोध किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर वित्त विभाग की ओर से जारी लॉटरी टेंडर को तत्काल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में दो दशक से लॉटरी पर चली आ रही राजनीतिक सहमति को बनाए रखा जाना चाहिए। अनुराग ठाकुर ने कहा कि ऑनलाइन और ऑफलाइन लॉटरी व्यवस्था के लिए एकल बिक्री एजेंट नियुक्त करने का प्रस्ताव राज्य के हित में वापस लिया जाना चाहिए। हिमाचल में लॉटरी पर प्रतिबंध लगाने की शुरुआत 1999 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की सरकार ने की थी। इसके बाद 2007 में लॉटरी दोबारा शुरू होने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की सरकार ने भी इस पर रोक लगा दी थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद विभिन्न सरकारों ने वित्तीय दबाव के बावजूद प्रतिबंध को जारी रखा।