पंचायतीराज विभाग में पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, पंचायत सहायक सहित विभिन्न श्रेणियों के 2,500 पदों पर भर्ती शुरू करने की तैयारी है। विभाग से खाली पदों का ब्योरा मांगा गया है जिसे मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाएगा और स्वीकृति मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। दूसरी ओर सरकार ने नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। उपायुक्तों के माध्यम से पंचायतों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। अब तक सरकार के पास करीब 60 आवेदन पहुंच चुके हैं।
आवेदनों की छंटनी के बाद पंचायतों के गठन की अगली प्रक्रिया शुरू होगी। नई पंचायत के गठन के लिए न्यूनतम 1000 की आबादी और मुख्यालय से दूरी मूल मानक है। हिमाचल प्रदेश में 2020 में जिस समय इन पंचायतों का गठन हुआ उस समय भाजपा की सरकार थी। मौजूदा कांग्रेस सरकार का भी दो साल का कार्यकाल पूरा हो गया है लेकिन अब तक स्थायी कर्मचारियों का बंदोबस्त नहीं हो पाया है। यहां तक की इन 412 पंचायतों में पंचायत घर तक की बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। मौजूदा समय में प्रदेश में एक पंचायत सचिव के पास दो से तीन पंचायतों का जिम्मा है। तकनीकी सहायकों की भी भारी कमी है। ग्राम रोजगार सहायकों की तैनाती न होने से पंचायतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत भी काम प्रभावित हो रहा है।
पंचायतीराज विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 2500 पद भरने की तैयारी है। विभाग से खाली पदों का ब्योरा मांगा गया है, जिसे मंत्रिमंडल की बैठक में रखेंगे। स्वीकृति मिलने के बाद भर्ती शुरू होगी। 2020 में भाजपा ने कर्मचारियों का इंतजाम किए बिना ही 412 नई पंचायतें बना दी थीं। हम नई पंचायतें भी बनाएंगे और कर्मचारियों का भी बंदोबस्त करेंगे- अनिरुद्ध सिंह, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री