इंसाफ नहीं मिला धरना देंगे
मृतक के पिता सुनील ने कहा कि उनके बेटे ने मां से कहा था कि मैं बार-बार आपको कह रहा हूं कि यहां ऐसा हो रहा है। बेटे की मौत से उनका घर बर्बाद हो गया है। इंसाफ के लिए वह आखिरी दम तक लड़ेंगे। अगर इंसाफ न मिला तो हमीरपुर में धरना देंगे। वहीं पोस्टमार्टम के बाद सोमवार देर शाम को छात्र आर्यव राठौर का अंतिम संस्कार पैतृक गांव के नजदीक श्मशानघाट में किया गया।
अप्रैल में ली थी एडमिशन, चार माह बाद मिल गई बेटे की मौत की खबर
आर्यव को उनके पिता ने अप्रैल में नीट की कोचिंग के लिए हमीरपुर भेजा था। आर्यव का सपना था कि वो डॉक्टर बनकर अपने पिता की जिम्मेदारियों को बांटेगा। लेकिन यह पता नहीं था कि चार माह में ही सारे सपने टूट जाएंगे।