फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वीरभद्र की रणनीति पर सोनिया की मुहर

Sat, 15 Mar 2014 11:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की रणनीति पर कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी ने मुहर लगा दी है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री चारों सीटों पर अपनी पसंद की प्रत्याशी ले आए।
विज्ञापन


वीरभद्र सिंह ने हर सीट के समीकरणों और विधानसभा उपचुनाव पर नजर रखते हुए प्रत्याशी तय करवाए।

ओबीसी बहुल मतदाताओं वाली कांगड़ा सीट से चंद्र कुमार के रूप में ओबीसी प्रत्याशी ही उतारा गया। 2009 में चुनाव में चंद्र कुमार को भाजपा प्रत्याशी राजन सुशांत ने 20779 वोट के अंतर से हराया था।

वर्तमान में संसदीय क्षेत्र की कुल 17 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस के पास सबसे ज्यादा 13 (निर्दलीय मिलाकर) विधायक हैं, जबकि भाजपा के महज 4 विधायक हैं।

शिमला सीट पर सोलन के विनोद सुल्तानपुरी के बजाए रोहडू से विधायक मोहन लाल ब्राक्टा पर दांव खेला गया। इस सीट पर हालांकि पिछले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी वीरेंद्र कश्यप ने कांग्रेस के धनी राम शांडिल को 27327 वोट से हराया था।
विज्ञापन


इस बार इस सीट पर कांग्रेस के पास 11 और भाजपा के पास 7 विधायक हैं। वीरभद्र सिंह की रणनीति शिमला जिला से निर्णायक बढ़त लेकर रोहडू में उपचुनाव के लिए भी माहौल बनाने की है।

मंडी सीट वीरभद्र सिंह की अपनी सीट रही है। 2009 में यहां से वीरभद्र सिंह 13997 वोट से भाजपा के महेश्वर सिंह को हराया था। इसके बाद 2013 में हुए उपचुनाव में प्रतिभा सिंह ने 1.36 लाख वोट से जयराम ठाकुर को हराया था।

यहां वर्तमान सांसद को ही टिकट मिलना था। हमीरपुर सीट पर रणनीति के तहत राजेंद्र राणा को उतारा जा रहा है। वह राजपूत हैं और हमीरपुर जिला से हैं।

कांग्रेस को लग रहा है कि ऐसा कर वह हमीरपुर में मत विभाजन करेगी और अन्य दो जिलों में बढ़त बनाएगी। इस सीट पर अनुराग ठाकुर पिछला चुनाव 72732 वोट से नरेंद्र ठाकुर को हराकर जीते थे। इस सीट पर अभी भाजपा के पास 10 और कांग्रेस के पास 7 विधायक हैं।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें