सराज क्षेत्र में कुल 110 में से 55 सड़कें वन मंजूरी से पहले ही बना दीं
रिकॉर्ड के अनुसार सराज क्षेत्र में कुल 110 सड़कें हैं। इनमें 55 सड़कों का निर्माण वन मंजूरी लेने से पहले ही कर दिया गया। कुछ सड़कों को निर्माण के बाद मंजूरी दी गई, जबकि कुछ कार्य अभी अधूरे हैं। वहीं, 10.165 किलोमीटर लंबी बागासैड-राहीधार-कथ्याली-धारवार-धनसाल सड़क को निर्माणाधीन बताया गया है। क्षेत्र में 16 हेलीपैड के अलावा वन भूमि पर 20 से अधिक विश्राम गृह भी मौजूद हैं।
12 वन विश्राम गृह भी शामिल
इनमें 12 वन विश्राम गृह और पांच लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह शामिल हैं। न्याय मित्र ने इनके निर्माण को लेकर भी नियमों के उल्लंघन की भी बात कोर्ट के समक्ष रखी है। गौरतलब है कि इससे पहले हाईकोर्ट ने अगस्त में चंद्रताल, शिकारी देवी, चूड़धार जैसे इलाकों के वन क्षेत्र में भी सड़क निर्माण पर रोक लगाई थी।
शिकारी देवी अभयारण्य 213.51 से घटकर 29.94 वर्ग किमी रह गया
सुनवाई में शिकारी देवी अभयारण्य के क्षेत्रफल सिमटने का मामला भी सामने आया। करसोग वन मंडल के रिकॉर्ड के अनुसार अभयारण्य का अधिसूचित क्षेत्रफल 213.51 वर्ग किलोमीटर था, जबकि धरातल पर इसका क्षेत्रफल 112.94 वर्ग किलोमीटर पाया गया। इसके बाद युक्तिकरण प्रक्रिया के तहत 83 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को बाहर करने का प्रस्ताव रखा गया। इससे अभयारण्य का प्रस्तावित अंतिम क्षेत्रफल घटकर 29.94 वर्ग किलोमीटर रह गया। अदालत को यह भी बताया गया कि वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रावधानों का कथित दुरुपयोग कर सड़क निर्माण की अनुमतियां जारी की गईं। ये मंजूरियां न तो स्थानीय वन निवासियों के हित में थीं और न ही वन संरक्षण के उद्देश्य के अनुरूप थीं।