हिमाचल के आपदा प्रभावित किन्नौर के वोटरों ने बड़ी संख्या में मतदान कर मिसाल कायम की है। जनजातीय जिले में बेशक लोगों के घर क्षतिग्रस्त हैं और सड़कें बंद हैं, लेकिन इससे उनका हौसला कमजोर नहीं पड़ा। बड़ी संख्या में लोग मंडी संसदीय उपचुनाव में मतदान के लिए बूथों पर पहुंचे।
मौसम की बेरुखी के बावजूद जिले में करीब 54 फीसदी मतदान हुआ। यह मतदान अन्य क्षेत्रों से ज्यादा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र चौहान ने कहा कि मतदान शांतिपूर्ण रहा।
सिर्फ शलखर बूथ पर शांति भंग होने की घटना सामने आई है। वहां केवल तीन फीसदी ही वोट पड़े। नाराज लोगों ने चुनाव का बहिष्कार किया। मतगणना 30 जून को होगी और साथ ही नतीजों की घोषणा कर दी जाएगी।
गुरुवार को मतदान के दौरान किन्नौर के लोगों में खूब उत्साह दिखा। स्वतंत्र भारत के पहले मतदाता 97 वर्षीय श्याम सरण नेगी ने कल्पा बूथ पर वोट डाला।
सुबह मतदान की गति काफी धीमी रही, लेकिन बाद में बड़ी संख्या में लोग वोट डालने निकले। किन्नौर को छोड़ अन्य 16 निर्वाचन हलकों में 23 को मतदान हो गया था। बाढ़ और भूस्खलन के कारण किन्नौर का मतदान 27 को करवाने का फैसला लिया था।