बाढ़ में बहती गाड़ियां
- फोटो : अमर उजाला
चंबा के मैहला के बंदला में एक दो मंजिला मकान ध्वस्त होने से सो रहे दादा और नौ वर्षीय पोती की मौत हो गई। अन्य लोग घायल हुए हैं। सियूर पंचायत के आगसन में मवेशियों को लेने गई महिला नाले में बह गई। पति ने उसे बचाने के लिए छलांग लगा दी, लेकिन जब तक उसे निकाला उसकी मौत हो गई थी। कुल्लू के बंजार के जीभी में एक कैफे में बाढ़ का पानी घुसने से एक व्यक्ति बह गया है। उसका कोई अता पता नहीं लगा है। मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग पर भूस्खलन की चपेट में आने से तेलंगाना के राघव (22) की जान चली गई। मनाली के पांडूरोपा में भी मंडी निवासी की मौत हो गई।
बिलासपुर के छड़ोल के पास एनएच पर मलबा आने से एक ट्रक चालक समेत खाई में गिर गया। चालक की मौके पर ही मौत हो गई। घुमारवीं में भूस्खलन से आठ मकान ध्वस्त हो गए। बारिश के चलते पच्छाद के डिलमन में एक ट्रक डंगा धंसने से खाई में गिर गया, जिससे चालक की मौके पर ही मौत हो गई। सिरमौर के टिंबी इलाके में नेड़ा खड्ड में आई बाढ़ से किराये के मकान में चल रही पीएचसी, आधा दर्जन मकान समेत घराट ढह गए। कई मकान खाली करवा दिए।
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भाटगढ़, नारग, शिलाई व संगड़ाह में आधा दर्जन मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। मंडी में पंचवक्त्र मंदिर पानी में डूब गया है, जबकि ऐतिहासिक विक्टोरिया पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी है। वार्ड-13 में श्मशानघाट के पास पार्क नगर परिषद और स्थानीय लोगों की करीब आधा दर्जन गाड़ियां ब्यास में बह गईं। नदी में एक जेसीबी भी डूब गई है। मंडी-कुल्लू एनएच पर दवाड़ा के पास ब्यास नदी का पानी नेशनल हाईवे पर आ गई। घंटों आवाजाही ठप रही। कुल्लू के अखाड़ा बाजार में दो माह पहले तैयार किया पुल का आधा हिस्सा ब्यास में बह गया।
भारी बारिश की वजह से टूटा पुल
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भारी बारिश और भूस्खलन के चलते शिमला, सोलन, सिरमौर और कुल्लू जिलों के सभी स्कूलों में जिला प्रशासन ने सोमवार की छुट्टी घोषित कर दी है।
अगस्त में लाहौल, किन्नौर में बर्फबारी
सूबे के जनजातीय जिलों लाहौल-स्पीति और किन्नौर की चोटियां और रिहायशी इलाके शनिवार रात को सफेद हो गए। अगस्त में बर्फबारी से ऊपरी इलाकों में ठंड बढ़ गई है। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रोहतांग में भी हिमपात हुआ है। जिला मुख्यालय केलांग तक बर्फ जम गई।
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हिमाचल में वर्ष 2011 के बाद बारिश का रिकॉर्ड टूटा है। प्रदेश में चौबीस घंटे में 102.5 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। गत 14 अगस्त, 2011 में चौबीस घंटे में 74 एमएम बारिश हुई थी। राज्य भर में 24 अगस्त तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान लगाया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि पहली जून से 18 अगस्त, 2019 तक प्रदेश में 530.7 एमएम बारिश हुई, जो कि सामान्य से 3 फीसदी कम है।
बारिश में बहती गाड़ियां
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बताया कि राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों को स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने तथा स्थानीय लोगों और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस दो दिन की भारी बारिश में राज्य को लगभग 490 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।