फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

1968 IAF Plane Crash: लोसर से हेलिकॉप्टर में घर भेजे गए 4 जवानों के अवशेष, नेम प्लेट और बैज से हुई पहचान

Wed, 02 Oct 2024 10:14 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू/ रोहतांग।

सार

1968 में रोहतांग दर्रे के पास हुए एक विमान हादसे के 56 साल बाद ढाका ग्लेशियर में दो दिन पहले सर्च अभियान में मिले लापता चारों जवानों के अवशेष बुधवार सुबह लोसर में पोस्टमार्टम करवाने के बाद हेलिकॉप्टर से घर भेज दिए गए। 
विज्ञापन
56 साल बाद मिले सेना के चार जवानों के शव को लेने पहुंचे हेलिकॉप्टर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लाहौल स्पीति जिले के ढाका ग्लेशियर में दो दिन पहले सर्च अभियान में मिले लापता चारों जवानों के अवशेष बुधवार सुबह लोसर में पोस्टमार्टम करवाने के बाद हेलिकॉप्टर से घर भेज दिए गए। ये अवशेष यूपी के सहारनपुर निवासी मलखान सिंह, पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड के सिपाही नारायण सिंह, रेवाड़ी हरियाणा के सिपाही मुंशी राम और केरल के काेल्लम निवासी थॉमस चेरियन के थे। नेम प्लेट और बैज से इनकी पहचान हुई थी।

विज्ञापन


विज्ञापन


ढाका ग्लेशियर में लापता जवानों की तलाश में डोगरा स्काउट्स समदो के 16 जवान और तिरंगा माउंटेन रेस्क्यू की तीन कर्मी शामिल रहे। अभियान के लिए सेना ने लाहौल-स्पीति पुलिस के साथ स्वास्थ्य विभाग की भी मदद मांगी है। स्थानीय स्तर पर अगर पुलिस की मदद चाहिए तो इसके लिए डोगरा स्काउट्स के मेजर समन्वय वर्मा समन्वय बनाए हुए हैं। डीएसपी केलांग राजकुमार ने बताया कि चारों जवानों के अवशेष ताबूत में हेलिकॉप्टर से घर भेजे गए हैं। बता दें कि ढाका ग्लेशियर में अभी भी 93 यात्रियों की तलाश जारी है। इनकी तलाश में डोगरा स्काउट्स के जवान जुटे हुए हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें