हिमाचल करीब सवा तीन महीने बाद दोबारा से पर्यटकों से गुलजार होने वाला है। सरकार के नए फैसले से पर्यटन उद्योग के पटरी पर आने की उम्मीद जगी है। सरकार ने निजी होटलियर्स से चर्चा और उन्हें विश्वास में लेने के बाद शुक्रवार को नई गाइडलाइन जारी की है। सरकार के इस फैसले से पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रदेश के हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार इस साल का समर सीजन पर्यटकों के बिना गुजरा है। मार्च के आखिरी सप्ताह से प्रदेश में पर्यटन गतिविधियां बंद पड़ी हैं। लॉकडाउन के चलते प्रदेश के पर्यटन कारोबारियों की कमर टूट गई है।
पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को करोड़ों का नुकसान हुआ है। सरकार ने हालांकि कम ब्याज पर ऋण देने की योजना शुरू की है। बिजली बिल का डिमांड चार्ज भी टाला है, लेकिन इन राहतों के बावजूद हजारों लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ है। सरकार के फैसले से मैदानी राज्यों में भीषण गर्मी का सामना कर रहे लोगों को प्रदेश के ठंडे मौसम का लाभ मिलेगा। बीते दिनों ही सरकार ने बसों में सौ फीसदी ऑक्यूपेंसी को मंजूरी दी है। इस फैसले से जनता सहित निजी ऑपरेटरों और एचआरटीसी को बड़ी राहत मिली है।
अब बाहरी राज्यों के लोगों के लिए प्रदेश के दरवाजे खोलकर सरकार ने आर्थिक स्थिति को और बेहतर करने को बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कोरोना संक्रमण रोकने को गाइडलाइन में पुख्ता इंतजाम किए हैं। आईसीएमआर से पंजीकृत लैब से कोरोना की जांच में निगेटिव आने वालों को ही सरकार प्रदेश में आने की मंजूरी देगी। ई पास पोर्टल पर सैलानियों का पंजीकरण होने के बाद पर्यटन विभाग के अधिकारी प्रदेश में इनकी लगातार मॉनीटरिंग भी करेंगे।
सरकार के फैसले का स्वागत : सेठ
हिमाचल टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मोहिंद्र सेठ ने पर्यटन गतिविधियां शुरू करने के लिए सरकार का आभार जताया है। कहा कि प्रदेश की सभी होटल एसोसिएशनों के सुझावों को गाइडलाइन में शामिल किया गया है। जल्द स्टाफ को प्रशिक्षित कर कारोबार को शुरू कर दिया जाएगा।