बैंक के सामने धरने पर बैठे किसान।
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पंजाब नेशनल बैंक ने यमुनानगर के गांव भगवानगढ़ के किसान अजय कुमार के बचत खाते से आठ लाख रुपये काट लिए। इसका पता जब भारतीय किसान यूनियन (रतनमान गुट) के पदाधिकारियों को चला तो वह एकत्रित होकर रेलवे स्टेशन रोड पर महावीर चौक के पास स्थित पंजाब नेशनल बैंक में पहुंचे। बैंक मैनेजर ने तर्क दिया कि बैंक ने लोन की राशि खाते से काटी है। इससे गुस्साए किसान बैंक के बाहर नारेबाजी करने लगे।
भाकियू जिला प्रधान सुभाष गुर्जर ने अपने गले से गमछा निकाल बैंक के गेट पर बांध दिया। इसका पता जब पुलिस को चला तो थाना शहर यमुनानगर प्रभारी कमलदीप मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत की। बैंक मैनेजर ने शाम तक रुपये खाते में डालने का आश्वासन दिया तो आधे घंटे बाद किसानों ने बैंक का दरवाजा खोल दिया। फिलहाल किसानों का धरना जारी है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि खाते में रुपये नहीं आए तो वह बैंक के सामने टैंट लगाकर धरना देंगे। किसानों ने दोपहर का भोजन भी बैंक के सामने ही किया।
भाकियू प्रधान सुभाष गुर्जर ने बताया कि गांव भगवानगढ़ के किसान अजय कुमार का महावीर चौक स्थित पंजाब नेशनल बैंक में बचत खाता है। अजय कुमार की माता बीमारी के चलते कई दिनों से मैक्स अस्पताल में दाखिल हैं। अजय के खाते में 50 हजार रुपये थे। खाते में कुछ समय पहले ढाई लाख रुपये गन्ने की पेमेंट आई थी। जबकि पांच लाख रुपये उसने मां के उपचार के लिए किसी से उधार लेकर खाते में जमा कराए थे। अजय का दूसरा खाता बूड़िया स्थित पीएनबी की दूसरी ब्रांच में भी है। बूड़िया ब्रांच से अजय ने आठ लाख रुपये का लोन लिया था। परंतु किसी कारण से वह लोन की सभी किस्तें नहीं चुका सका इसलिए बैंक ने खाते को एनपीए घोषित कर दिया था। ब्याज के साथ वह राशि 10 लाख रुपये से अधिक बना दी। इसके लिए अजय कुमार ने अपनी आठ एकड़ जमीन भी प्लस की हुई है। फिलहाल बूड़िया ब्रांच के लोन का मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
अजय ने बताया कि जब वह महावीर चौक स्थित ब्रांच से आठ लाख रुपये निकलवाने गया तो मैनेजर अनिल कुमार ने बताया कि आपके खाते में कोई रुपये नहीं हैं। उसके आठ लाख रुपये बूड़िया ब्रांच में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। अनिल ने यह बात भाकियू पदाधिकारियों ने बताई। जिस पर वह महावीर चौक स्थित ब्रांच में गए और मैनेजर से बात की। किसानों ने मैनेजर को एक घंटे का समय देते हुए कहा कि यदि रुपये वापस नहीं आए तो वह बैंक पर ताला लगाएंगे। रुपये नहीं आने पर किसानों ने बैंक का दरवाजा बंद कर दिया और नारेबाजी करने लगे। मौके पर पहुंचे एसएचओ कमलदीप ने मैनेजर से बातचीत की। मैनेजर से शाम तक राशि खाते में आने का आश्वासन दिया। किसानों ने बैंक का दरवाजा तो खोल दिया लेकिन उठने से मना कर दिया।