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टेलीविजन पर हिंसक दृश्य लोगों के मन पर पड़ता है प्रभाव

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जगाधरी। महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय में इतिहास विभाग की ओर से आधुनिक मीडिया में अहिंसा, प्रमुख मुद्दे एवं चुनौतियां विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें टेलीविजन पर हिंसक दृश्य के मन पर पड़ने वाले प्रभाव पर चर्चा की गई।
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कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार वाजपेयी ने कहा कि वर्तमान में इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया आदि सभी का आम जनजीवन पर प्रभाव पड़ता है। हर व्यक्ति किसी न किसी रूप से मीडिया से जुड़ा हुआ है। जागने से सोने तक वह अखबार, पत्र-पत्रिकाओं, मोबाइल फोन, इंटरनेट अथवा टेलीविजन के विभिन्न चैनल से जानकारी प्राप्त करता है। जिसका लोगों की सोच व विचार पर असर पड़ता है। मुख्य वक्ता डॉ. आशुतोष अंगिरस ने वर्तमान मीडिया में हिंसक दृश्यों, घटनाओं, सूचनाओं का जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में बताया। डॉ. आशुतोष ने कहा कि एक ओर विज्ञापन एवं मनोरंजन प्रदान करने वाले कार्यक्रम व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं, व्यक्ति का मनोरंजन करते हैं, वहीं इनमें परोसे जाने वाले हिंसक दृश्य लोगों के जीवन को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि विज्ञापन भले ही वस्तु संबंधित हो, लेकिन व्यापारी व उद्योगपति के हित का काम करते हैं। वे किसी न किसी रूप में उपभोक्ता के दिल और दिमाग को प्रभावित करते हैं। इसी प्रकार मनोरंजन के कार्यक्रम में भी हिंसक दृश्य दिखाए जाने से लोग विचलित हो जाते हैं। अब मीडिया की जिम्मेदारी बनती है कि वे इन दृश्यों को किस रूप और मात्रा में दिखाएं। उन्होंने कहा कि मीडिया की जिम्मेदारी है कि वह युवा पीढ़ी के समक्ष भारतीय संस्कृति, दर्शन और देशहित के लिए प्रेरित करने वाले दृश्य प्रस्तुत करें। कार्यक्रम संयोजक व प्रभारी इतिहास विभाग वीरेंद्र सिंह ने कहा कि अभिभावकों को भी बच्चों के लिए प्रेरक कार्यक्रमों का चुनाव करना चाहिए।
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