यमुनानगर। जानू हत्याकांड में गिरफ्तार किए गए आरोपी हरपाल व मितेश का शुक्रवार को रिमांड खत्म हो गया। रिमांड के दौरान आरोपियों ने वारदात में प्रयुक्त रॉड व डंडे बरामद किए गए, लेकिन मुख्य आरोपियों का पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई। रिमांड खत्म होने पर शुक्रवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मृतक जानू वाल्मीकि के पिता राजेंद्र वाल्मीकि कांग्रेसी के पूर्व पार्षद और अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के महासचिव हैं। जानू फाइनेंस का काम करता था। 15 अप्रैल की रात को जानू अपने दोस्तों के साथ जगाधरी के निजी पैलेस में शादी समारोह में शामिल होने गया था। योजना के तहत जानू की हत्या करने के लिए आरोपी पहले से घात लगाकर पैलेस के बाहर कार में बैठ गए। जैसे ही जानू शादी समारोह से बाहर निकला तो उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। गोलियों की आवाज सुनकर शादी समारोह से लोग घटनास्थल पर पहुंचे तो वहां जानू व उसके दोस्त खून से लथपथ पड़े मिले। चारों को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने जानू को मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने 17 अप्रैल को कुरुक्षेत्र निवासी हरपाल व मितेश को गिरफ़्तार कर पांच दिन के रिमांड पर लिया था। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी हरपाल सचिन पंडित का दोस्त है। वह अवैध शराब कारोबार में उसका सहयोग करता था। सचिन ने हरपाल को बताया था कि जानू के साथ उसकी पुरानी रंजिश है। वह उसे ठिकाने लगाना चाहते है। इसके लिए उसने हरपाल की मदद मांगी और जानू की हत्या करने के लिए उसे कुरुक्षेत्र से बुलाया था। जानू की हत्या से एक दिन पहले हरपाल अपने पांच अन्य साथियों को साथ लेकर आया और दिनभर जानू की रेकी की थी, लेकिन जानू उन्हें नहीं मिला था। जानू के न मिलने पर वह कुरुक्षेत्र वापस लौट गए थे। जगाधरी के निजी पैलेस में जानू के शादी समारोह में जाने का पता चलने पर सचिन ने अगले दिन अपनी कार भेजकर दोबारा हरपाल को यहां बुलाया था। आधी रात तक पैलेस के बाहर रेकी करने के बाद सचिन, सुमित व मनोज ने जानू व उसके दोस्तों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थी। जबकि हरपाल, मितेश व अन्य ने लोहे की रॉड व डंडों से हमला किया था। जिसमें जानू की मौत हो गई। जबकि उसके दोस्त विश्वकर्मा मोहल्ला निवासी मोहित शर्मा, लुधियाना निवासी अनमोल व सिटी सेंटर निवासी रजत घायल हो गए। पुलिस ने मामले में सचिन, सुमित व मनोज पर हत्या व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया हुआ है।
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डंडे व रॉड बरामद, मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी को दी जा रही दबिश
उप पुलिस अधीक्षक आशीष चौधरी का कहना है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों का शुक्रवार को रिमांड खत्म हो गया। रिमांड के दौरान उनसे वारदात में इस्तेमाल किए गए डंडे व रॉड बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार पुलिस दबिश दे रही है। आरोपियों के ठिकानों पर पुलिस गई थी। लेकिन आरोपी वहां से फरार मिले। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
पिता ने आंदोलन की दी चेतावनी
यमुनानगर। शुक्रवार को मृतक जानू वाल्मीकि के पिता एवं कांग्रेस के दलित नेता राजेंद्र वाल्मीकि ने फिर प्रेसवार्ता की। जिसमें उन्होंने 25 अप्रैल को जानू की रस्म क्रिया के दौरान आंदोलन करने का निर्णय लेने की बात कही।
चूना भट्टी में राजेंद्र वाल्मीकि के आवास पर हुई प्रेसवार्ता में राजेंद्र वाल्मीकि के साथ मुंडा माजरा निवासी सोहना, दलीप कंडारा, विक्रम सुढै़ल व नरेश भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन जानू के मुख्य आरोपियों को दो दिन के अंदर गिरफ्तार नहीं करता है, तो समाज बड़ा आंदोलन करेगा। 25 अप्रैल को आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी, क्योंकि रस्म क्रिया में देशभर से समाज के मौजिज लोग एकत्र होंगे। उन्होंने कहा कि जानू की मौत पुलिस की लापरवाही की वजह से हुई है। यदि पुलिस मुख्य आरोपी सचिन पंडित, सुमित राणा व मनोज को पहले ही गिरफ्तार कर लेती तो आज जानू उनके बीच होता। पुलिस की इस लापरवाही की वजह से समाज के लोगों में रोष बना हुआ है। इस वारदात को एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कहकर वाहवाही लूट रही है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए केवल दबिश देने की बात कह रही है। जिससे साफ है कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है।