फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उपभोक्ता फोरम ने इंश्योरेंस कंपनी को 50 हजार रुपए हर्जाना देने का दिया आदेश

विज्ञापन
विज्ञापन
जगाधरी। कैशलेस इंश्योरेंस पालिसी के बावजूद स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी ने पॉलिसी धारक को कैशलेस ट्रीटमेंट की सुविधा नहीं दी। उपभोक्ता फोरम ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद इंश्योरेंस कंपनी को 50 हजार रुपए हर्जाना देने का आदेश सुनाया है।
विज्ञापन

सेक्टर 17 हुडा निवासी पंकज अग्रवाल ने 12 नवंबर 2015 को स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी से कैशलेस इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी। इंश्योरेंस पॉलिसी लेने के दो महीने बाद पंकज अग्रवाल को पैरालिसिस का अटैक पड़ा और वो यमुनानगर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हो गए। पंकज अग्रवाल की हालत सीरियस होने के कारण उन्हें पंचकूला के अलकेमिस्ट अस्पताल रेफर कर दिया गया। पंकज अग्रवाल की कैशलेस इंश्योरेंस पॉलिसी होने के कारण उनके परिजनों ने कैशलेस सुविधा लेने के लिए स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी को सूचना दी, लेकिन स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी ने उन्हें ये सुविधा नहीं दी। पंकज अग्रवाल करीब तीन सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती रहे।
इस तरह इंश्योरेंस कंपनी द्वारा कैशलेस की सुविधा नहीं देने के कारण पंकज अग्रवाल के परिजनों को इलाज का सारा खर्च खुद देना पड़ा। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद भी पंकज अग्रवाल की दवाओं पर काफी खर्च हुआ। ये खर्च भी परिजनों को खुद करना पड़ा। स्वस्थ होने के बाद पंकज अग्रवाल ने अपने इलाज खर्च के बिल इंश्यारेंस कंपनी में जमा करवाए। इंश्योरेंस कंपनी ने तीन साल आठ महीने तक उनके बिलों का भुगतान नहीं किया। इसके बाद पंकज अग्रवाल ने अपने वकील के माध्यम से इंश्योरेंस कंपनी को नोटिस दिया। इंश्योरेंस कंपनी की ओर से नोटिस का जवाब दिया गया कि पंकज अग्रवाल ने अपने पैन कार्ड की कॉपी जमा नहीं करवाई थी, जिसके कारण उन्हें कैशलेस ट्रीटमेंट की सुविधा नहीं मिल पाई। जबकि पंकज अग्रवाल ने पैन कार्ड की कॉपी इंश्योरेंस पॉलिसी लेते समय जमा करवाई थी। इसके बाद पंकज अग्रवाल ने एडवोकेट एससी जिदंल के माध्यम से उपभोक्ता फोरम में इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ शिकायत दी। उपभोक्ता फोरम में सुनवाई के दौरान इंश्योरेंस कंपनी ने पंकज अग्रवाल को उनके इलाज में खर्च हुई पूरी राशि का भुगतान कर दिया। फोरम में पंकज अग्रवाल की शिकायत पर सुनवाई जारी रही। दोनों पक्षों को सुनने के बाद फोरम ने माना कि कैशलेस इंश्योरेंस पालिसी होने के बावजूद इंश्योरेंस कंपनी ने पंकज अग्रवाल को ये सुविधा नहीं दी, जबकि पंकज अग्रवाल की ओर से सभी कागजात जमा करवाए गए थे। फोरम ने इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया कि वो पंकज अग्रवाल को हर्जाने के तौर पर 50 हजार रुपए दें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें