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पेड़-पौधे हमारे जीवन का अहम हिस्सा : कलेर

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पौधरोपण और पेंटिंग कर दिया पृथ्वी को बचाने का संदेश
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विश्व पृथ्वी दिवस जिले में
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यमुनानगर। जिले में विश्व पृथ्वी दिवस प्रकृति को समर्पित रहा। इस दौरान विद्यालयों में जहां पौधरोपण और पेंटिंग बनाकर जहां बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, वहीं शिक्षकों ने प्रकृति के दोहन पर चिंता जताई। उन्होंने अधिक से अधिक पौधरोपण पर जोर देते हुए समय रहते पृथ्वी के संरक्षण के लिए तन मन धन से जुटने का आह्वान किया। शिक्षकों ने कहा कि 22 अप्रैल को दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्थन प्रदर्शित करने के लिए पृथ्वी दिवस का आयोजन किया जाता है। इसकी सार्थकता तभी है, जब हम किसी एक दिन नहीं हर दिन पृथ्वी के संरक्षण के कार्य करें।
पौधे हमारे जीवन का अहम हिस्सा
यमुनानगर। गांव मंडोली के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को विश्व पृथ्वी दिवस दिवस मनाया गया। इस दौरान शिक्षक महेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों के साथ स्कूल प्रांगण में पौधरोपण किए। उन्होंने पौधों को जीवन का अहम हिस्सा बताया।
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इस दौरान विद्यार्थियों के बीच में पेंटिंग प्रतियोगिता भी करवाई गई। जिसमें बच्चों ने सुंदर चित्र बनाए। डीपी पवन कुमार ने कहा कि जिस तरह से प्रकृति का दोहन हो रहा है उससे वैश्विक स्तर पर हमारे भविष्य के लिए चिंता होना स्वाभाविक है। स्कूल के प्रिंसिपल हुकम सिंह ने बताया कि 22 अप्रैल को दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्थन प्रदर्शित करने के लिए पृथ्वी दिवस का आयोजन किया जाता है।
जगाधरी: सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में भी विश्व धरा दिवस मनाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने लघु नाटिका, पौधरोपण, भाषण, कविता, निबंध लेखन व रैली के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुमित जिंदल ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि हर विद्यार्थी को एक पौधा जरूर लगाना चाहिए और इसके प्रति दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए।
सरोजिनी कॉलोनी स्थित मुकंद लाल पब्लिक स्कूल में कक्षा छठी से 12वीं तक विश्व धरा दिवस पर कई प्रकार की प्रतियोगिताएं करवाई गई। जिसमें विद्यार्थियों ने अपने ज्ञान एवं कलात्मक प्रतिभा का समन्वय करते हुए सुंदर चित्रकला के माध्यम से धरा एवं वन संपदा को बचाने का संदेश दिया। विद्यालय की निदेशक शशि बाटला कहा कि धरती मानव जीवन का आधार स्तंभ है। इसके बिना मानव जीवन के अस्तित्व की कल्पना करना नितांत असंभव है। प्रधानाचार्या सीमा कटारिया ने विद्यार्थियों द्वारा क्रियान्वित गतिविधियों का अवलोकन करते हुए कहा कि धरा दिवस मानव अस्मिता का परिचायक है तथा ईश्वर प्रदत्त सर्वोत्तम प्राकृतिक उपादान है जिसकी सुरक्षा हम सबका दायित्व है।
मॉडल कॉलोनी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पृथ्वी दिवस बनाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों के बीच में कईं प्रकार की प्रतियोगिताएं करवाई गई। बकायदा इस दौरान विद्यार्थियों ने सुंदर-सुंदर चार्ट बनाए। प्रधानाचार्य तेज प्रकाश ने कहा कि पर्यावरण प्रतिदिन खतरे में पड़ता जा रहा है। इसके लिए एकजुट होकर पूरी तरह से जागरुकता अभियान चलाना होगा। लेकिन यह तभी संभव होगा जब समाज पूरी तरह से जागरूक हो। उन्होंने कह कि कंक्रीटों की मीनारों में पेड़ खत्म होते जा रहे हैं। इसका कारण हम स्वयं है। बिल्कुल भी पर्यावरण के प्रति कोई भी गंभीर नहीं। ऐसे में यह आने वाले समय में हम सब के लिए खतरा हो सकता है। पर्यावरण को बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने की आवश्यकता है।
बिलासपुर। विद्या इंटरनेशनल प्ले स्कूल ककड़ौनी में विश्व धरा दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान छोटे बच्चों ने स्कूल प्रांगण में पौधरोपण किया। अध्यापिका अनुष्का शर्मा ने कहा कि इस पर्व को मनाने का मुख्य कारण पर्यावरण संरक्षण है। आज के समय में पृथ्वी बहुत दूषित हो गई है। पर्यावरण कई प्रकार के प्रदूषण से भर गया है। इसका मुख्य कारण मनुष्य की लापरवाही है।
उन्होंने कहा कि पृथ्वी को बचाने के लिए समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में आने वाली पीढ़ी को इसके भयंकर दुष्परिणाम भुगतने होंगे। मौजूदा समय में प्राकृतिक संसाधनों का सही प्रयोग करके, अधिक से अधिक पेड़ लगाकर धरा को बचाने का प्रयास किया जा सकता है। युवा वर्ग को आगे अगर पृथ्वी को दूषित होने से बचाने के प्रयास करने होंगे। इसलिए पौधरोपण करके विश्व पृथ्वी दिवस मनाया। अध्यापकों ने बच्चों को विश्व पृथ्वी दिवस के महत्व की जानकारी दी। इस मौके पर विश्वास शर्मा, स्कूल मैनेजमेंट एवं स्टॉफ सदस्य मौजूद रहे।
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आंचल ने बनाई सबसे सुंदर पेंटिंग
यमुनानगर। गुरु नानक खालसा कॉलेज में भी विश्व पृथ्वी दिवस मनाया गया। इस दौरान पेंटिंग प्रतियोगिता भी करवाई गई। जिसमें एमएससी बायोटेक की आंचल सैनी प्रथम, बीएससी की मानसी द्वितीय व प्राची तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्राचार्य डॉ. (मेजर) हरिंद्र सिंह कंग ने कहा कि सभी जीवों के अस्तित्व के लिए धरती और उसके संसाधनों की सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। इसके लिए सभी को अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए। इसके लिए आमजन को जागरूक होना होगा। इसके बाद कंग ने प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस मौके पर डॉ. अमरजीत सिंह, डॉ. ज्ञान भूषण, डॉ. नीलम बहल, डॉ. वर्षा निगम, प्रो प्रीति हांडा मौजूद रही।
ऐंकर
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नहीं चल रहा एमआईएस पोर्टल, कैसे बनवाएं एसएलसी
जारी नहीं हो रहे स्कूल छोड़ने के प्रमाणपत्र, भटकने को विवश हैं विद्यार्थी
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शिक्षा विभाग का एमआईएस पोर्टल भी परीक्षा के दौर से गुजर रहा है। सालभर इसी पोर्टल पर काम होता है। फिर भी यह ठीक से काम नहीं कर रहा। अक्सर बंद हो जाता है या फिर ऐसी गड़बड़ी दिखाता है जिसका अध्यापकों के पास भी कोई समाधान नहीं है। पोर्टल के काम नहीं करने से अब तक विद्यार्थियों केे एसएलसी (स्कूल लिविंग र्स्टीफिकेट) जारी नहीं हो पाए। अभिभावक एसएलसी के लिए स्कूलों में भागदौड़ कर रहे हैं, लेकिन हर बार एक ही जवाब मिलता है कि फिलहाल पोर्टल नहीं चल रहा है।
उल्लेखनीय है कि कोई विद्यार्थी पिछले शैक्षणिक सत्र में किसी राजकीय प्राइमरी स्कूल में पांचवी कक्षा में पढ़ रहा था तो वह पास होकर अब छठी कक्षा में जा चुका है। उसे प्राइमरी विंग को छोड़ कर माध्यमिक या हाई स्कूल में दाखिला लेना होगा। इसके लिए विद्यार्थी को प्राइमरी स्कूल से पहले एसएलसी लेना होगा, फिर उसे माध्यमिक स्कूल में दाखिला मिलेगा। इसी तरह बहुत से विद्यार्थी ऐसे भी हैं जो राजकीय स्कूल को छोड़ कर प्राइवेट स्कूल में दाखिला ले रहे हैं। उन्हें प्राइवेट स्कूल में दाखिला तब तक नहीं मिलेगा जब वह एसएलसी नहीं देंगे। तपती गर्मी में विद्यार्थियों को लेकर अभिभावक स्कूलों में भागदौड़ कर रहे हैं।
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दूसरे राज्यों के बच्चों को भी हो रही दिक्कत
यमुनानगर इंडस्ट्रियल हब है। हजारों की संख्या में चल रही फैक्टरियों में एक से डेढ़ लाख लोग काम कर रहे हैं। जब तक वह जिले में रहते हैं उनके बच्चों को भी यहां के राजकीय व प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाया जाता है। सरकार ने राजकीय स्कूलों में दाखिले के लिए परिवार पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया है। एमआईएस पोर्टल पर ऑनलाइन दाखिला करते समय इन बच्चों की पीपीपी संख्या मांगी जा रही है। पीपीपी न होने से उनके भी दाखिले नहीं हो पा रहे हैं। इससे राजकीय स्कूलों में बच्चों की संख्या स्कूलों में बढ़ने की बजाय और घट सकती है।
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निदेशालय को समस्या से अवगत कराया है : शिवकुमार
उप जिला शिक्षा अधिकारी शिवकुमार धीमान का कहना है कि एमआईएस में आ रही समस्याओं को लेकर निदेशालय को अवगत कराया गया है। उम्मीद है जल्द ही पोर्टल की खामियों को दूर कर लिया जाएगा। जिन्हें एसएलसी की जरूरत है वह राजकीय स्कूल में दाखिला ले सकते हैं। उनको एसएलसी बाद में जारी हो जाएगा।
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