संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। रक्षाबंधन से एक दिन पहले शनिवार को हजारों लोग उस समय शहर में फंस गए जब रेलवे ने अचानक सभी ट्रेनें रद्द कर दी। वहीं त्योहार के कारण बसों में अधिक भीड़ के कारण लोग चढ़ नहीं पाए और घंटों इंतजार करना पड़ा। पहले ही कोरोना संक्रमण के कारण रेल यातायात पूरी तरह बहाल नहीं हो पाया है। वहीं त्योहार के समय सभी गाड़ियां रद्द होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे हजारों यात्री शहर में फंस गए।
दरअसल पंजाब में किसान आंदोलन के लिए चलते रेलवे ने अमृतसर, जम्मूतवी, फिरोजपुर, पठानकोट रूट की 50 से ज्यादा गाड़ियां रद्द कर दी हैं। वहीं इतनी ही गाड़ियों का रूट बदल दिया गया है। ऐसे में शुक्रवार रात से यमुनानगर जगाधरी रेलवे स्टेशन पर कोई ट्रेन नहीं आई। वहीं शनिवार को भी रेलवे स्टेशन सुनसान पड़ा रहा। संभावना है कि रविवार को भी आंदोलन के चलते रेल यातायात बहाल नहीं हो पाएगा। इस दौरान अंबाला सहारनपुर रूट पर दो ट्रेन को छोड़कर सभी गाड़ियां रद्द रही।
दरअसल पंजाब में गन्ना किसानों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। किसान लुधियाना-जालंधर मुख्य रेल मार्ग पर पटरियों पर बैठ गए हैं। जिस कारण उत्तर भारत की 90 प्रतिशत रेल सेवा ठप हो गई है। इस दौरान अमृतसर, जम्मूतवी, पठानकोट, फिरोजपुर स्टेशन से चलने वाली करीब 150 गाड़ियां प्रभावित हुई हैं। यमुनानगर जगाधरी रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली सभी गाड़ियां अमृतसर, जम्मूतवी, पठानकोट और फिरोजपुर लाइन की हैं।
त्योहार के कारण बसों में भी भीड़
रक्षाबंधन का त्योहार और ट्रेनें बंद होने के कारण यात्रियों का पूरा बोझ रोडवेज पर आ गया है। वहीं प्रदेश सरकार ने महिलाओं को मुफ्त सफर की सुविधा दी है, जिस महिला यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। वहीं रोडवेज कोरोना नियमावली के अनुसार बसों का संचालन कर रहा है। शनिवार को नियमावली की सरेआम धज्जियां उड़ती रहीं और अधिकारी कुछ न कर पाए। ट्रेनें रद्द होने के कारण लोगों ने रोडवेज बसों का सहारा लिया। ऐसे में बसों पर बोझ अतिरिक्त बढ़ गया। बसें कम और यात्रियों की संख्या अधिक हो गई। इससे शारीरिक दूरी बनाना तो दूर की बात इस दौरान लोगों एक दूसरे से सट कर खड़े खड़े ही सफर किया।
यह गाड़ियां रहीं रद्द
इस दौरान हावड़ा मेल, जम्मूतवी एक्सप्रेस, अमरनाथ एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, गोल्डन टेंपल मेल, गंगा सतलुज, हावड़ा एक्सप्रेस, जननायक, सरयू यमुना, लखनऊ चंडीगढ़ सहित तमाम गाड़ियां रद्द रही। इस दौरान अंबाला से चलने वाली हरिहर एक्सप्रेस और अंबाला दिल्ली इंटरसिटी का संचालन किया गया।
आंदोलन के चलते किसानों ने पंजाब में रेलवे ट्रैक जाम कर दिया है। इससे चारों तरफ की रेल सेवा पर असर पड़ा है। हालातों को देखते हुए गाड़ियां रद्द की गई हैं और कई गाड़ियों के रूट बदले हैं। अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है। किसान नहीं माने तो रविवार को भी सेवा प्रभावित रहेगी। - हरिमोहन, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला।
प्लेटफार्म पर ट्रेन के इंतजार में बैठे यात्री। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar