फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल में एंट्री खुलने से यमुनानगर में पर्यटन उद्योग को मिलेगी संजीवनी

विज्ञापन
tourism industry will get sanjeevni - फोटो : Yamuna Nagar
विज्ञापन
कोरोना खौफ के बीच हिमाचल जाने वाले पर्यटकों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। ई पास की बाध्यता खत्म करते हुए केवल ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से ही हरियाणा से हिमाचल में प्रवेश किया जा सकेगा। इसके लिए आगंतुकों को 48 घंटे पहले अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। पांवटा व नाहन बॉर्डर पर रजिस्ट्रेशन फार्म पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन किया जाएगा। इससे यमुनानगर में पर्यटन उद्योग को संजीवनी मिलेगी। दरअसल यमुनानगर के रास्ते हरियाणा और यूपी समेत कई अन्य राज्यों के लोग पावंटा साहिब और नाहन साइड से हिमाचल में प्रवेश करते हैं। ऐसे में आदिबद्री, सरस्वती उद्गम, लोहगढ़, चनेती बौद्ध स्तूप, हथिनीकुंड, कलेसर नेशनल पार्क में पर्यटकों का आवागमन बढ़ सकता है। वहीं हिमाचल के सिरमौर जिले में लोगों की रिश्तेदारियां है और विभिन्न इंडस्ट्री में सीमावर्ती जिलों के लोग बड़ी संख्या में काम करने आते हैं। हालांकि लॉकडाउन के बाद से तमाम लोग आवागमन नहीं कर पा रहे थे। अब सीमा खोले जाने से इंडस्ट्री में काम करने वालों को भी काफी फायदा होगा।
विज्ञापन

बाहर से आने वाले पर्यटक होटल में कम से कम पांच दिन की बुकिंग करानी होगी। हालांकि इसके लिए भी कंडीशन ये होगी कि संबंधित व्यक्ति के पास कोरोना की 72 घंटे पहले की निगेटिव रिपोर्ट होनी जरूरी है। होटलों की एडवांस बुकिंग करवाने वाले सैलानी क्वारंटीन नहीं होंगे। बाहर से आने वाला हिमाचली या यहां काम करने वाले अगर रेड जोन से आता है तो उसे संस्थागत और ग्रीन या ऑरेंज जोन से आता है तो 14 दिन होम क्वा रंटीन रहना पड़ेगा।
कोरोना के चलते जिले में पर्यटन उद्योग पूरी तरह से ठप हो गया है। देहरादून, पावंटा साहिब, हरिपुर धार और हिमाचल व उत्तराखंड के पहाड़ी स्थलों पर जाने वाले अधिकतर पर्यटक वाया यमुनानगर होकर जाते हैं। जो यमुनानगर के कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थल और कलेसर जंगल जरूर होकर जाते हैं। ऐसे में आदिबद्री, लोहगढ़, सरस्वती उद्गम स्थल, हथिनीकुंड, कलेसर नेशनल पार्क, चनेती बौद्ध स्तूप, अशोक एडिट पार्क आदि जगह पर रौनक बढ़ेगी। वहीं होटल कारोबारियों को भी राहत मिलेगी।
विज्ञापन

होटल एसोसिएशन से जुड़े राजेश सेठ ने बताया कि यमुनानगर में अधिकतर पर्यटन हिमाचल व उत्तराखंड से कनेक्टेड है। अब हिमाचल की सीमाएं खोले जाने से पर्यटकों का आवागमन बढ़ेगा। हालांकि अभी पर्यटन उद्योग को उठने में लंबा समय लगेगा, लेकिन फिलहाल कुछ राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं बन जाती, तब तक लोग घर से नहीं निकलेंगे। होटल संचालकों ने तमाम तैयारियां कर रखी है और पूरी सावधानी बरती जा रही है। जिले में 100 से ज्यादा होटल व दो सौ से ज्यादा ढाबे व बड़े रेस्टोरेंट हैं। जहां चार महीने से काम बिल्कुल बंद पड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें