यमुनानगर में स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल रितु छाबड़ा की ऑफिस में गोलियां मार कर हत्या करने वाले को शुक्रवार को सजा नहीं हो पाई। इस केस में एडीजे पायल बंसल ने स्कूल के 12वीं के छात्र शिवांश गुंबर को दोषी करार देते हुए सजा के लिए 28 फरवरी का दिन मुकर्रर किया था, लेकिन दोषी करार देने के बाद अगले दिन ही एडीजे पायल बंसल की कोर्ट को फास्ट ट्रैक कोर्ट बना दिया गया।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अविनाश चड्ढ़ा ने बताया कि शुक्रवार को ड्यूटी जज अरविंद्र शर्मा की कोर्ट में यह केस पेश किया गया। जहां बताया कि अब यह केस एडीजे नेहा नौहारिया की कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया है। जिसमें अगली तारीख चार मार्च लगी है। उम्मीद है कि चार मार्च को हत्यारे शिवांश को सजा हो सकती है। चूंकि एडीजे पायल बंसल की कोर्ट इस मामले में आरोपी को दोषी करार दे चुकी है।
वहीं परिजन इसमें हत्यारे के लिए डेथ पैनेलटी की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार को जिलावासियों के साथ साथ सभी स्कूलों के प्रिंसिपल व स्टाफ की नजर कोर्ट के फैसले पर थी। लेकिन केस ट्रांसफर होने से लोगों को निराशा हुई। वहीं हत्यारे को सजा का फैसला आगे बढ़े से परिजनों के इंतजार की घड़ियां भी बढ़ गई हैं। अतिरिक्त सेशन जज पायल बंसल की कोर्ट ने 25 फरवरी को छात्र शिवांश गुंबर को दोषी ठहराया था, लेकिन अब एडीजे पायल बंसल की कोर्ट को पॉक्सो की स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बना दिया गया है।