यमुनानगर। एसीजेएम गगनदीप मित्तल की अदालत ने कैदी के जेल से फरार होने के मामले में जेल कर्मचारी रहे राधेश्याम, कृष्णचंद और राजकुमार को एक साल की कैद और दो-दो हजार का जुर्माना लगाया था। इस सजा से राहत पाने के लिए उन्होंने अपील दायर की थी। इस अपील को एडिशनल सेशन जज अमरेंद्र शर्मा की अदालत ने खारिज कर दिया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
अदालत ने कहा कि इस केस में उन्हें राहत नहीं दी जा सकती। बता दें इस केस में गगनदीप मित्तल की कोर्ट ने तीन जेल के सुरक्षा कर्मियों और जेल से फरार हुए कैदी अंबाला निवासी केकी को दोषी करार दिया था। वहीं एक जेल कर्मी को इस मामले में बरी कर दिया था। केकी को दो साल की कैद और एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। जिसे अब एडिशनल सेशन जज अमरेंद्र शर्मा की कोर्ट ने भी सही करार दिया है।
ये था मामला
तत्कालीन जेल एसपी आत्माराम बिश्नोई ने शहर जगाधरी पुलिस को शिकायत दी थी कि अंबाला कैंट में गुजराती कॉलोनी में रहने वाला केकी को झपटमारी के केस में पांच साल कठोर कारावास की सजा हुई थी। 13 अगस्त 2017 को रात के समय वह जेल से फरार हो गया। इस मामले में संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए। इस शिकायत पर पुलिस ने धारा-222, 223, 42 प्रीजरनल एक्ट में केस दर्ज किया था। वहीं केकी को पकड़ लिया गया था। इस मामले में चार जेल कर्मचारियों को आरोपी बनाया था। जिनमें से तीन को सजा हुई थी।