पशुओं के लिए ऋण दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति ने मोदी मिल के डायरेक्टर के चालक से साढ़े 94 हजार रुपये ठग लिए। आरोपी ने पहले लोन की फाइल तैयार करने के नाम पर चालक से 9500 रुपये ले लिए। इसके बाद लोन के लिए दिए ब्लैंक चेक का इस्तेमाल कर बैंक से 85 हजार रुपये निकाल लिए। रुपये मांगने पर आरोपी ने चालक को सुसाइड के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। पुलिस ने ड्राइवर की शिकायत पर धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में सभापुर सैनी फार्म निवासी विनोद कुमार ने बताया कि वह मोदी मिल के डायरेक्टर दिनेश कौशिक के पास चालक का काम करता है। उनके मालिक दिनेश कौशिक का गाबा अस्पताल के नजदीक एक पीजी है। वह अकसर अपने मालिक के साथ पीजी पर आता जाता है। 25 अप्रैल को उसकी मुलाकात पीजी में रह रहे हिमांशू उर्फ रोहित उर्फ देवेंद्र से हुई। जहां आरोपी ने रोहित नाम से कमरा लिया हुआ था। आरोपी ने उसे बताया कि यदि उनके पास भैंस है तो वह उस पर उसे सात लाख रुपये का डेयरी लोन दिलवा देगा। इस पर उसे तीन लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी। ऋण पास होने पर उसे 50 हजार रुपये कमीशन देनी होगी। इसके बाद आरोपी ने इस प्रक्रिया के लिए 9500 रुपये फाइल चार्ज का खर्च बताया और आधार कार्ड, पैन कार्ड, दो फोटो, ब्लैंक चेक, जमीन की फर्द व डेयरी की फोटो मांगी। इसके बाद रात को आरोपी ने व्हाट्सएप पर कॉल कर इंश्योरेंस के नाम पर 20 हजार रुपये और मांगे। शक होने पर उसने एक मई को आरोपी को लोन कराने से मना कर दिया और अपने सभी दस्तावेज व 9500 रुपये वापस मांगे। आरोपी ने ईद की छुट्टी होने पर उसे दो दिन बाद रुपये व दस्तावेज देने की बात कही। इसके बाद आरोपी ने उसके असली चेक की रंगीन फोटो स्टेट कर उस पर कैंसिल लिखकर उसे भेज दिया। जबकि असली चेक अपने पास रखा। आरोप है कि इसी बीच देवेंद्र ने उसके चेक का इस्तेमाल कर उसके खाते से 85 हजार रुपये अपने डेरा बस्सी स्थित पीएनबी के खाते में डलवा ली। इसका पता चलने पर जब उसने आरोपी से बात की तो आरोपी ने उसे सुसाइड के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इस तरह आरोपी ने उससे 94500 रुपये की धोखाधड़ी की। शहर थाना प्रभारी कमलजीत सिंह का कहना है कि आरोपी हिमांशु उर्फ रोहित उर्फ देवेंद्र व उसके अन्य साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।