संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के गांव खेड़ा खुर्द की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता और सशक्तीकरण की नई मिसाल बन रही हैं। हरमन स्वयं सहायता समूह से जुड़कर महिलाएं डेयरी, सिलाई-कढ़ाई, मशरूम उत्पादन और खेती-बाड़ी जैसे कार्यों में जुटी हैं, जिससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि समाज में उनकी पहचान भी बढ़ी है।
समूह की खजांची हरजीत कौर के मार्गदर्शन में यह समूह लगातार प्रगति कर रहा है। हरजीत कौर स्वयं डेयरी संचालक हैं और उनके पास 15 भैंस, छह गोवंश व छह बछड़ियां हैं, जिनसे प्रतिदिन करीब एक क्विंटल दूध का उत्पादन हो रहा है। वे अन्य महिलाओं को भी पशुपालन और स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही हैं।
समूह की प्रधान कविता, सचिव पूजा देवी और अन्य सदस्याएं गीता देवी, रजनी, सुनीता, बिमला, कुसुम लता व सीमा देवी अपने अपने स्तर पर काम कर रही हैं। सचिव पूजा देवी ने समूह से लोन लेकर सिलाई-कढ़ाई का कार्य शुरू किया है और आज अच्छी आमदनी अर्जित कर रही हैं। वहीं, समूह की सदस्य सीमा देवी ने कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारी।
उन्होंने अपने पति को सब्जी की रेहड़ी लगवाकर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का प्रयास किया, लेकिन कुछ समय बाद उनके पति का निधन हो गया। इसके बावजूद सीमा देवी समूह के साथ जुड़कर परिवार के उत्थान के लिए लगातार प्रयासरत हैं। महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से समूह की ओर से हर माह चार बैठकें आयोजित की जाती हैं, जिनमें 14 और 28 तारीख को विशेष प्रशिक्षण सत्र होते हैं।
इन बैठकों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए विभिन्न प्रकार के कौशल सिखाए जाते हैं। हरमन समूह की स्थापना वर्ष 2021 में हुई थी, जबकि नवनिर्माण क्लस्टर फेडरेशन की शुरुआत 2022 में हुई। हरजीत कौर वर्ष 2021 में ग्राम संगठन की प्रधान भी रह चुकी हैं और वर्तमान में खजांची के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। क्लस्टर, समूह और संगठन स्तर पर नियमित रूप से बैठकें आयोजित कर महिलाओं को जागरूक और सशक्त बनाया जा रहा है।