यमुनानगर। कर्मचारियों की हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को आम जनता रोडवेज कर्मियों के विरोध के चलते परेशान नजर आई। एक तरफ कर्मचारियों की जिद बस अड्डे से एक भी बस न निकलने देने की थी, दूसरी तरफ रोडवेज महाप्रबंधक पर बसों को संचालित करने का दबाव रहा। दोपहर 12 बजे तक डिपो की तरफ से जैसे-तैसे 45 बसें विभिन्न मार्गों पर भेज दी गईं। बस अड्डे में सवारी कम होने और कर्मचारियों के विरोध के चलते रोडवेज डिपो की तरफ से किराए पर चालकों को हायर कर सभी बसें चलाने की योजना सफल नहीं हो पाई।
कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए बस अड्डे से बसों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए बस अड्डे में काफी पुलिस बल भी तैनात किया गया था। रोडवेज की अधिकारियों की ओर से किराए पर चालक हायर कर सभी बसें चलाने की थी। लेकिन कर्मचारियों के विरोध बस अड्डे में कम यात्री होने के कारण यह योजना सफल नहीं हो पाई। विरोध के बीच इक्का-दुक्का ही बसें बस अड्डे से बाहर निकल पाई। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दोपहर 12 बजे तक करीब 45 बसे विभिन्न मार्गों पर भेज दी गईं। हड़ताल के दौरान 343 कर्मी उपस्थित और 270 अनुपस्थित रहे, जिसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेज दी गई।
नियम तोड़ बिना परिचालकों के दौड़ाई बसें
नियमानुसार किसी भी बस अगड्डे से बिना परिचालक के बस मार्ग पर नहीं चल सकती है। परंतु हड़ताल का हवाला देते हुए अधिकारियों ने खुद ही नियमों को तोड़ते हुए बिना परिचालकों के बस अड्डे से बसें मार्गों पर भेजी गईं। ऐसे में बसों को मार्ग पर ले जा रहे चालकों को प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के गुस्से का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने कई बसों घुसकर चालक की वीडियो भी बनाई।
चप्पल दिखाकर बस रोकने का प्रयास, पुलिस ने दूर कर निकलवाई बस
हड़ताल के दौरान सबसे ज्यादा हंगामा यमुनानगर बस अड्डे पर हुआ। यहां कर्मचारियों ने चक्का जाम करने के लिए बस रोकने का प्रयास किया। इस दौरान एक हड़ताली ने चालक को चप्पल दिखाकर बस रोकने का इशारा किया। सभी हड़ताली बस के सामने आ धमके, जिस पर चालक को बस गेट पर ही रोकनी पड़ी। वहीं ऐसी स्थिति से निपटने के लिए अड्डे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कर्मचारियों के अड़ते ही पुलिस ने भी तुरंत उन्हें दूर कर बस बाहर निकलवाई। यहां कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं जगाधरी बस अड्डे पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
बस में पकड़ा फर्जी परिचालक, कर्मियों ने दबोचा
हड़ताल के दौरान भ्रष्टाचार की भी पोल खुली। दरअसल यमुनानगर डिपो की एचआर 58ए 8222 जोकि यमुनानगर से सहारनपुर की तरफ जा रही थी। यह बस बिना परिचालक के थी। मगर इसी दौरान एक फर्जी परिचालक भी बैठा था जोकि सवारियों ने किराये के नाम पर वसूली कर रहा था। इस व्यक्ति का वीडियो बस के अंदर बैठे प्रदर्शनकारी कर्मी ने बना लिया। बाद में इस व्यक्ति को कर्मचारियों द्वारा पकड़ लिया गया। व्यक्ति ने अपनी खुद की पहचान अमरजीत सिंह के तौर पर बताई। इसके बाद कर्मचारियों ने व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है।
हड़ताल का हमारी रोडवेज बस सर्विस पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। हमने 45 बसें संचालित की। इसके अलावा कर्मचारियों ने जो व्यक्ति बस में यात्रियों से वसूली करते हुए पकड़ा गया है उसका डिपो से कोई लेना नहीं है।
-बालक राम, महाप्रबंधक, रोडवेज।
The plan was to run the buses by hiring a driver, the plan failed due to the opposition of the workers- फोटो : Yamuna Nagar