संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सामान को एक से दूसरी जगह सुरक्षित नहीं पहुंचाने व आधा सामान गुम होने पर उपभोक्ता फोरम ने मैं. रिटको एक्सप्रेस और डीबीएस मूवर्स एंड पैकर्स कंपनी पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। साथ 11 हजार रुपये कानूनी खर्च के देने के भी आदेश दिए। यदि आदेशों के बाद 45 दिन में जुर्माना राशि नहीं दी गई तो नौ प्रतिशत ब्याज के साथ राशि लौटानी होगी।
शहर निवासी हरियांश ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी कि इसी साल फरवरी माह में उन्हें अपने घरेलू सामान को हैदराबाद में ट्रांसफर करना था। इसके लिए उन्होंने गुरुग्राम में मैं. रिटको एक्सप्रेस और डीबीएस मूवर्स एंड पैकर्स कंपनी से सामान भेजने के लिए करार किया था। इसके लिए उसने 60,000 रुपये का एडवांस भुगतान किया था। घरेलू सामान की 62 वस्तुएं थीं, जिन्हें हैदराबाद ले जाया जाना था।
बुकिंग और एडवांस लेते समय उन्हें बताया गया था कि वह इन वस्तुओं को एक सप्ताह के भीतर सुरक्षित स्थिति में पहुंचा देंगे। परंतु उनके बताए पते पर जब सामान पहुंचा तो कुछ बक्से गायब पाए गए। उनकी मोटरसाइकिल भी क्षतिग्रस्त अवस्था में थी। पूछताछ करने पर उन्हें बताया गया कि चार बक्से हैदराबाद नहीं पहुंचे। उनमें से एक बॉक्स अनजाने में लखनऊ पहुंच गया और बाकी तीन बक्से गुरुग्राम में गोदाम में रह गए। उसने अपने भाई को भेज कर गोदाम से तीन बॉक्स वापस मंगवा लिए।
वहीं चौथे बक्से से कुछ सामान गायब पाया गया। उसने इस बारे में कंपनी के प्रतिनिधियों से बात की, परंतु उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसे लेकर मई माह में कंपनी को कानूनी नोटिस भेज लेकिन वह उन्होंने रिसीव नहीं किया। इस पर हरियांश ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी। फोरम की तरफ से भी नोटिस दिया गया, लेकिन उनकी तरफ से कोई फोरम में उपस्थित नहीं हुआ।
उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष ने शिकायतकर्ता के वकील की दलीलों को सुनने के बाद कहा कि यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि कंपनी का कार्य न केवल सेवाएं प्रदान करने में कमी थी, बल्कि यह उनकी ओर से स्पष्ट रूप से अनुचित व्यापार व्यवहार है। उन्होंने पैसा तो कमाया, लेकिन शिकायतकर्ता को विश्वासपूर्वक आश्वासन वाली सेवाएं प्रदान नहीं कीं, जिसके लिए शिकायतकर्ता दंडात्मक क्षतिपूर्ति का हकदार हैं।