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शरीर को अकड़ा देने वाली सर्दी का कहर, लोग घरों में दुबके

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सर्दी से बचने के लिए आग जलाते रेहड़ी संचालक। - फोटो : Yamuna Nagar
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यमुनानगर। ठंड और शीतलहर के कारण बढ़ी सर्दी ने दस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सोमवार साल का सबसे ठंडा दिन रहा। एक सप्ताह से धूप न निकलने के कारण सामान्य जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। जिले में न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। लोगों के अनुसार ऐसी सर्दी साल 2010-11 में पड़ी थी जिसमें जिले में न्यूनतम तापमान तीन डिग्री तक पहुंच गया था।
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सोमवार को भी जिलेभर में बादल छाए रहे। आठ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली शीतलहर ने लोगों की कंपकंपी छुड़वा दी। सर्दी से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। सर्दी का असर बाजार, पार्क, सार्वजनिक स्थानों, बसों व ट्रेन में देखा जा सकता है। सर्दी के कारण बस अड्डा पर अन्य दिनों की अपेक्षा बेहद कम लोग नजर आ रहे हैं। वहीं कोहरे के चलते नियमित समय से देरी से चलने व सर्दी के कारण रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की संख्या बेहद कम हैं। ग्राहक न होने के कारण दुकानदार खाली बैठे हैं। सर्दी से बचने के लिए रेहड़ी ठेली चालक सहित अन्य दुकानदार आग जलाकर बैठे रहे।
इस दौरान यात्रियों की संख्या मात्र 20 प्रतिशत रह गई है। सर्दी का असर हर वर्ग व क्षेत्र पर देखने को मिल रहा है। हाड़ कंपा देने वाली सर्दी से इंसान ही नहीं बल्कि अन्य जीव जंतु भी परेशान हैं। इस साल सर्दी ने करीब दस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वहीं सोमवार साल का सबसे ठंडा दिन रहा। इस दौरान अधिकतम तापमान 10.80 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान मात्र छह डिग्री सेल्सियस रहा। जिला कड़ाके की ठंड व शीतलहर की चपेट में हैं। वहीं अभी इससे राहत के आसार नहीं है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अभी तीन दिन भीषण सर्दी रहेगी। संभावना है कि इस दौरान न्यूनतम तापमान चार डिग्री या इससे भी नीचे जा सकता है।
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घरों में दुबके लोग, बाजार वीरान
कोरोना संक्रमण के कारण बाजार पहले ही मंदी की मार झेल रहे हैं। रही सही कसर सर्दी ने पूरी कर दी। शाम छह बजे बाजार बंद हो जा रहे हैं। सर्दी व शीतलहर के कारण लोग घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं। रोजमर्रा की जरूरत की दुकानों पर भी इक्का दुक्का ही ग्राहक नजर आ रहे हैं। शहर के व्यापारी दलीप कुमार, मोहन, साहिल, मोनू ने बताया कि सर्दी के कारण लोग बाहर निकलने से बच रहे हैं। कई दुकानदार पूरा दिन खाली बैठकर घर लौट रहे हैं। सर्दी के कारण दिन रात व्यस्त रहने वाला चंडीगढ़ हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग भी सुनसान रहा।
अभी एक सप्ताह नहीं राहत
इस बार सर्दी नहीं साल के शुरुआती दिन में ही पड़ी। दिसंबर में नाममात्र की सर्दी रही। दिसंबर माह के अंत के दिनों ठंड बढ़ना शुरू हुई। जनवरी में सर्दी ने अपना प्रकोप दिखाया। एक से लेकर 17 जनवरी तक भीषण सर्दी पड़ रही है। एक सप्ताह से सूरज नहीं निकला है। वहीं मौसम विशेषज्ञों के अनुसार एक सप्ताह और ऐसे ही हालात रहेंगे। इस सप्ताह शुक्रवार से रविवार तीन दिन बारिश की संभावना है। जबकि अगले सप्ताह मंगलवार से मौसम साफ होने की उम्मीद है। इस सप्ताह अधिकतम तापमान 16 डिग्री रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 6 डिग्री तक जा सकता है।
बच्चों व बुजुर्गों का रखें ख्याल
इस कड़ाके की सर्दी में सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है। लेकिन इस दौरान बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। ऐसी ठंड बच्चों व बुजुर्गों के नुकसानदायक है। ऐसे में उनकी विशेष देखभाल की जरूरत है। इसे लेकर सामान्य रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन गुप्ता ने कहा कि सर्दी में बुजुर्गों व बच्चों को घर से बाहर खुले में जाने से बचाएं। बुजुर्ग कुछ दिन सुबह शाम की सैर को नजरअंदाज करें और घर पर ही रहे। वहीं बच्चों को भी घर से बाहर न निकलने दें। सर्दी में पानी कम पीने के कारण अक्सर रक्त गाढ़ा हो जाता है। रक्तचाप, हृदय रोग, शुगर के पीड़ित व बुजुर्गों के लिए घातक है। ऐसे में पानी गरम करके पीते रहें। एक दिन में तीन से चार गिलास गरम पानी पीए। वहीं संतुलित आहार लें। संभव हो तो घर में ही रहकर हल्का व्यायाम करें।
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