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आधी अधूरी तैयारियों के साथ जिले की अनाज मंडियों धान की खरीद शुरू

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जिले की अनाज मंडियों में रविवार दोपहर बाद से धान की सरकारी खरीद आधी-अधूरी तैयारियों के साथ शुरू कर दी गई। इससे किसानों और आढ़तियों को दिक्कतें हो रही हैं। आढ़तियों का कहना है कि अधिकतर जगह बारदाना नहीं पहुंचा है और कई मंडियों में शेड्यूल गड़बड़ा गया है। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर कम रकबे दर्ज किए जाने से भी किसानों में रोष है। देर शाम तक जिले की 13 अनाज मंडियों में करीब 15 हजार क्विंटल धान की खरीद होने की जानकारी दी गई। जगाधरी, साढौरा, बिलासपुर, रादौर, सरस्वती नगर आदि जगहों की बड़ी मंडियों में काफी किसान धान लेकर खड़े रहे, लेकिन खरीद नहीं हो सकी।
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जगाधरी की नई अनाज मंडी में आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान मनीष कांबोज ने कहा कि सरकार द्वारा प्रति एकड़ 25 क्विंटल की कैप लगाकर खरीद की जा रही है जोकि गलत है। उन्होंने कहा कि यमुनानगर जिले और आसपास के क्षेत्र में धान की पैदावार प्रति एकड़ 35 क्विंटल की औसत आती है। यही कारण है कि पोर्टल पर पंजीकरण कराकर तारीख मिलने पर फसल लाने के लिए किसान सहमत नहीं हैं और न ही किसान इस लंबी प्रक्रिया का ज्ञान रखते हैं। इस कारण सरकार के द्वारा सीधी खरीद की जानी चाहिए। मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर किसानों की फसलों का सही आंकलन नहीं किया गया है, जिससे किसान काफी नाराज हैं। उन्होंने कहा कि मौके के पटवारी ने अपने आप से ही रिकार्ड बनाकर फसल का ब्यौरा पोर्टल पर दर्ज कर दिया है। इस समस्या का भी समाधान जल्द से जल्द होना चाहिए।
ये है नई व्यवस्था
- किसान को पहले अपना पंजीकरण करवाना होगा। उसके बाद उसे ओटीपी प्राप्त होगा तथा गेट पास मिलेगा। 17 प्रतिशत नमी की धान को बिना किसी परेशानी के और बिना किसी कटौती के खरीदा जा रहा है। निर्धारित शेड्यूल के अनुसार जिन किसानों का रविवार को शेड्यूल निर्धारित किया गया था उन्हें गेट पास दिया गया और उनके धान की खरीद शुरू हुई। इसी प्रकार जिन किसानों का धान पहले से ही मंडी में आया हुआ था उनकी भी खरीद की जा रही है।
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शर्तों के साथ नहीं होनी चाहिए खरीद
भारतीय किसान यूनियन के डायरेक्टर मंदीप रोड छप्पर का कहना है कि सरकार प्रति एकड़ के हिसाब से उनकी ज्यादा धान को लेने से इंकार कर रही है। अगर धान की फसल अच्छी हुई है तो पैदावार की बाध्यता नहीं होनी चाहिए। मंडी में मूलभूत सुविधाओं का भी टोटा है और किसानों की संख्या को देखते हुए सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जानी चाहिए।
वर्जन
-मंडी सचिव ऋषि राज यादव का कहना है कि सरकार के आदेश अनुसार रविवार से मंडी में खरीद शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि अभी 3 तारीख का शेड्यूल तैयार किया गया है और इस शेड्यूल के अनुसार गेट पास दिए जा रहे हैं। जिले की सभी 13 मंडियों में नियमित आधार पर किसानों के धान की खरीद की जाएगी।
वर्जन
- राज्य सरकार के आदेशों के अनुपालन में धान की सरकारी खरीद शुरू कर दी गई है। सभी खरीद एजेंसियों को मंडियां अलॉट कर दी गई हैं तथा खरीद सीजन के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटियां लगा दी गई हैं। सरकार से प्राप्त हिदायतों के अनुसार 17 प्रतिशत से अधिक नमी वाली धान की खरीद नहीं की जाएगी। सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य 1960 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीद की जाएगी तथा किसानों की फसल का दाना-दाना खरीदा किया जाएगा।-पार्थ गुप्ता, जिला उपायुक्त
इन्सर्ट
रादौर। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान संजू गुंदयाना व ब्लॉक प्रधान जोगिंदर सिली ने रविवार को अनाज मंडी रादौर का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। संजू गुंदयाना ने बताया कि सरकार ने धान की फसल की सरकारी खरीद शुरू कर दी है, लेकिन मिलरों ने हड़ताल कर दी है। इस कारण धान की बिक्री नहीं हो सकी। सरकार ने एक ओर आदेश जारी किया है कि जिस किसान के पास मैसेज आएगा, केवल वही किसान धान की फसल को लेकर मंडी में आएगा। यह सरासर गलत है। वहीं सरकार ने 25 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा लगा दी है, लेकिन अबकी बार पैदावार अच्छी है। किसान अपनी बाकी की धान कहां लेकर जाएं। सरकार को यह अपनी दोनों शर्तें वापस लेनी चाहिए। इस अवसर पर करनैल सिंह, पप्पल, मोनू धनुपरा, राजेंद्र, संदीप टोपरा, शिवकुमार, कंवरपाल आदि मौजूद रहे।
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