फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुश्किल हुआ आशियाने का निर्माण, महंगा हो गया सामान

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो: 11
विज्ञापन

मुश्किल हुआ आशियाने का निर्माण, महंगा हो गया सामान
सरिये की कीमत 8250 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंची, 15 दिन में सरिये की कीमत 2650 रुपये तक बढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अब आशियाना बनाना आम आदमी के लिए महंगा हो गया है। पिछले 15 दिनों में न केवल ईंट का रेट बढ़ा है बल्कि सरिये की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। दो सप्ताह में ही सरिये की कीमत 5600 रुपये से 8250 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गई है। सीधे 2650 रुपये की अचानक हुई बढ़ोतरी से हर कोई हैरान है। वहीं जो लोग घर निर्माण शुरू करने की प्लानिंग कर रहे थे फिलहाल रेट कम होने तक उन्होंने इसे टाल दिया है।
ईंट के रेट में 300 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। कुछ माह पहले तक ईंटों की कीमत 5700 रुपये प्रति हजार थी, परंतु अब भट्ठे पर ही ईंट की कीमत 6000 रुपये प्रति हजार हो गई है। इसी तरह सीमेंट की कीमत भी बढ़ कर 355 रुपये प्रति बैग हो गई है। ईंटों की कीमत बढ़ने का कारण कोयले का महंगा होना व डिमांड बढ़ना बताया जा रहा है। कमल इंटरप्राइजिज के संचालक अचल गर्ग का कहना है कि सरिये की बढ़ती कीमतों की वजह पता नहीं लग रही है। कोई कह रहा है कि जब से यूक्रेन पर हमला हुआ है तब से वहां से कच्चा माल आना बंद हो गया है। फिलहाल सरिये की कीमतें कम होने की कोई उम्मीद नहीं है। रोजाना रेट में बढ़ोतरी हो रही है।
विज्ञापन

रेत, बजरी भी मिल रहा महंगा
रेत, बजरी भी 2100 से 2200 रुपये में 100 वर्ग फुट मिल रही है। इसका कारण प्रशासन द्वारा ओवरलोड पर लगाम लगाना है। क्योंकि माइनिंग जोन से रेत, बजरी लेकर आने वाले ओवरलोड ट्रकों, डंपरों पर अब आरटीए की टीम द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। पकड़े जाने पर 30 से 50 हजार रुपये तक जुर्माना देना पड़ सकता है। ऐसे में मोटे जुर्माने से बचने के लिए सप्लायर ट्रकों में अंडरलोड ही निर्माण सामग्री लेकर आ रहे हैं। जबकि पहले कम रायल्टी पर ज्यादा सामान मिल जाता था।
लोग बोले- बढ़ती कीमतों ने तोड़ी कमर
बिलासपुर निवासी विक्की व संजीव कुमार ने बताया कि महंगाई की मार से लोग बेहाल हैं। पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस से लेकर करियाना सामान तक महंगा हो रहा है। अब सपनों का आशियाना बनाना भी मुश्किल हो गया है। भवन निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने से मकान की लागत बढ़ रही है। पहले किसी भवन को बनाने में यदि 10 लाख रुपये लागत आती थी वह अब बढ़कर 12 लाख रुपये हो चुकी है। लोहा, प्लाईबोर्ड और सनमाइका सीट महंगी हो गई है।
विज्ञापन

जीएसटी स्लैब व कोयले की कीमतें बढ़ी : अशोक कुमार
जिला ईंट भट्ठा मालिक एसोसिएशन के प्रधान अशोक कुमार गोयल का कहना है कि सरकार द्वारा जीएसटी के स्लैब व कोयले के दामों में हुई अप्रत्याशित बढ़ोतरी ने उनका पूरा व्यवसाय ठप कर दिया है। जिससे उनके लिए भट्ठा चला पाना मुश्किल हो गया है। जिससे कारोबार की कमर टूट गई है। 2021 में लखनऊ में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में ईंट कारोबार को टारगेट करते हुए एक प्रतिशत को छह प्रतिशत और पांच प्रतिशत को 12 प्रतिशत जीएसटी लागू कर दिया गया। यह देश में ईंट कारोबारियों पर कुठाराघात है। यही वजह है कि निर्माण सामग्री के रेट दिनोंदिन बढ़ते जा रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें