शहर में जनस्वास्थ्य विभाग के ट्यूबवेल का पानी पीने से बीमार हुए लोगों की संख्या में कोई कमी नहीं हो रही है। इससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ती जा रही है। रविवार को भी 20 से ज्यादा डायरिया के नए केस सामने आए। जबकि करीब डेढ़ सौ लोग पहले से विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। उपायुक्त की तरफ से अब शहर के तमाम ट्यूबवेल से सप्लाई होने वाले पेयजल के सैंपल लेने के निर्देश दिए गए हैं।
लगभग एक सप्ताह बाद भी फर्कपुर क्षेत्र की आधा दर्जन कालोनियों में डायरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार नए मरीज सामने आने के बाद अब प्रशासन के निर्देश पर जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से पेयजल आपूर्ति वाले सभी ट्यूबवेल से सैंपल लिए जा रहे हैं, ताकि जांच में पता चल सके कि आखिर डायरिया पर अंकुश क्यों नहीं लग रहा है। इस संबंध में क्षेत्रवासियों का कहना है कि अगर पहले ही जनस्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से एहतियाती कदम उठाए गए होते तो स्थिति इस कदर नहीं बिगड़ती। आरोप है कि पहले शिकायतें करने के बाद भी विभागीय अधिकारियों की ओर से नजर अंदाज किया गया।
दूसरी ओर डायरिया बढ़ने के बाद अब जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अवैध कनेक्शनों को बीमारी का कारण बता रहे हैं। साथ ही इस पर अंकुश लगाने की बात कह रहे हैं। विदित हो कि एक सप्ताह में आधा दर्जन कॉलोनियों में पांच सौ से ज्यादा डायरिया के मरीज सामने आ चुके हैं। कार्यवाहक सीएमओ डॉ. दीपिका गुप्ता का कहना है कि धीरे-धीरे स्थिति कंट्रोल में आ रही है। पानी के सैंपलों की भी जांच की जा रही है। जल्द ही स्थिति को पूरी तरह से काबू कर लिया जाएगा।