20 दिन बाद आरोपी यूनिता उसे अपने साथ हिमाचल प्रदेश ले गई। इसके बाद उसे नारायणगढ़ में 20 हजार रुपये में बेच दिया। वहां पर वह सात दिन रही। इसके बाद आरोपी यूनिता, विक्की व निक्की ने उसे फतेहाबाद निवासी धर्मबीर को डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया। इस दौरान आरोपी यूनिता को किसी केस के मामले में सात साल की सजा हो गई।
इस दौरान आरोपी धर्मबीर ने उसके साथ सात साल तक दुष्कर्म किया। आरोपी धर्मवीर के साथ उसके भाई राकेश व कृष्ण ने भी उसके साथ संबंध बनाए। इससे वह छह माह की गर्भवती हो गई। इस दौरान धर्मवीर के भाई कृष्ण कुमार ने उसके साथ फिर संबंध बनाने की कोशिश की। जिससे परेशान होकर उसने फिनायल पीकर अपनी जिंदगी खत्म करने की कोशिश की। लेकिन आरोपियों ने उसे अस्पताल ले जाकर बचा लिया। उसने एक लड़की को जन्म दिया। बाद में एक लड़के को जन्म दिया।
इस दौरान आरोपी धर्मवीर की मां उसे प्रताड़ित करने लगी। जिसके बाद वह फतेहाबाद से यमुनानगर आ गई। यहां पर वह एक किराये के मकान में रहती है। महिला ने बताया कि धर्मवीर के पड़ोसी तेजपाल ने धर्मवीर के खिलाफ फतेहाबाद कोर्ट में ब्लैकमेल का केस दायर किया हुआ है। जो केस अभी भी विचाराधीन है। जिसमें तारीख 29 अप्रैल लगी थी। लेकिन वह उस तारीख पर नहीं पहुंच पाई। जिसके चलते उसके खिलाफ वारंट जारी कर दिया गया। अब इस केस में फिर से तारीख लगी हुई है।
आरोप है कि धर्मवीर ने उसे तारीख पर जाने से मना किया है। यदि तारीख पर गई तो जान से मारने की धमकी दी हुई है। पीड़ित महिला ने मामले में उसे अगवा कर बेचने वाली महिला, उसे खरीदने और उसके साथ दुष्कर्म करने वाले व जान से मारने की धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इसकी शिकायत महिला ने महिला थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में महाराष्ट्र के चंद्रपुर निवासी जानवी, हिमाचल प्रदेश के नाहन निवासी यूनिता उर्फ सपना, उसके बेटे विक्की व बेटी निक्की, फतेहाबाद निवासी धर्मवीर, उसके भाई कृष्ण, राकेश, मां कमला देवी, जयसिंह सैनी, सुनील व अन्य पर मारपीट, अगवा करने, छेड़छाड़, सामूहिक दुष्कर्म, पोक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में जीरो एफआईआर दर्जकर मामला महाराष्ट्र के चंद्रपुर पुलिस को ट्रांसफर कर दिया है। मामले में आगामी कार्रवाई चंद्रपुर पुलिस द्वारा की जाएगी।
जांच अधिकारी एसआई मेवा का कहना है कि मामले में दस लोगों पर जीरो एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले को महाराष्ट्र की चंद्रपुर पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया है। मामले में आगामी कार्रवाई महाराष्ट्र पुलिस करेंगी।