संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के आह्वान पर अनाजमंडी गेट पर चल रहा अध्यापकों का क्रमिक अनशन 32वें दिन में पहुंच गया। इस दौरान सोनीपत जिला प्रधान जोगिंद्र सिंह ने अनशन का नेतृत्व किया। शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ क्रमिक अनशन शुरू किया। जोगिंद्र सिंह के साथ दिनेश छिक्कारा, अनिल कुमार, रोहताश चहल, रणवीर भूख हड़ताल पर बैठे।
राज्य सचिव जगपाल सिंह, प्रीतम बालियान, अजय अग्रवाल ने अध्यापकों को माला पहनाकर अनशन पर बैठाया। उन्होंने कहा कि अनशन को 32 दिन हो हैं, परंतु सरकार शिक्षा मांगों के प्रति असंवेदनशील हैं। चिराग योजना सार्वजनिक शिक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है। हर बच्चे को शिक्षा देना राज्य का कर्तव्य संविधान के नीति निर्देशक सिद्धांतों में वर्णित है। केंद्र व राज्य सरकारों का दायित्व है कि हर बच्चे को बिना किसी भेदभाव के गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिले। परंतु सरकार अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ती नजर आ रही है। आजादी के बाद साक्षरता दर बहुत कम थी। धीरे सरकारी स्कूलों का ढांचा मजबूत हुआ और लोगों ने शिक्षा ग्रहण की जिससे भारत देश प्रगति की और बढ़ा अधिकांश लोगों ने सरकारी स्कूलों में ही शिक्षा प्राप्त की। उदारीकरण की नीतियों के बाद हर क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा दिया जाने लगा। शिक्षा पर भी निजी संस्थाओं का कब्जा हो गया। जिससे शिक्षा और अधिक महंगी होती जा रही है। जब तक सरकार शिक्षा विरोधी नीतियां वापिस नहीं लेती भूख हड़ताल जारी रहेगी।