संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। कलेसरा गांव स्थित शारदा गुरुकुल में श्रीमद्भागवत गीता पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें गुरुकुल के प्रबंधक, प्रधानाचार्य, अध्यापक व स्टाफ के सभी सदस्यों ने भाग लिया। मुख्य वक्ता इस्कॉन यमुनानगर के प्रभु आनंद निधि दास विद्यार्थियों को महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने की सीख दी।
उन्होंनें गीता के तीसरे अध्याय के श्लोक संख्या 21 का विवेचन करते कहा कि भगवान श्री कृष्ण, अर्जुन से कहते हैं कि श्रेष्ठ पुरुष जो आचरण करते है, अन्य पुरुष भी वैसा वैसा आचरण करते हैं। जो कुछ भी वे आदर्श स्थापित कर जाते हैं। मनुष्य समुदाय उसी के अनुसार बरतने लग जाता है। उन्होंने कहा कि हमें भी श्री राम, श्री कृष्ण, स्वामी विवेकानंद, चंद्रशेखर आजाद, रविंद्र नाथ टैगोर, बाल गंगाधर तिलक जैसे महान पुरुषों के श्रेष्ठ जीवन चरित्र से प्रेरणा लेनी चाहिए।
अध्यापकों को चाहिए कि छात्रों को श्रेष्ठ पुरुषों के जीवन चरित्र पढ़ने के लिए प्रेरित करें। श्रेष्ठ पुरुषों के जीवन चरित्र पर छात्रों में श्रेष्ठतम बनने की भावना विकसित होने लगती है।