संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। प्राचीन एवं प्रसिद्ध अमालदपुर स्थित सूर्यकुंड मंदिर में चल रहा श्री महाचंडी महामाया महायज्ञ वीरवार को संपन्न हो गया। मंदिर में शुक्रवार को दशहरा पूजन किया गया। इस दौरान हजारों दीपों से मंदिर परिसर सजाया गया। दीपों की रोशनी से प्रांगण जगमगा उठा। दस दिन से चल रहे इस धर्म कुंभ में मुंबई, नागपुर, हरिद्वार, बंगाल, मणिपुर, पटना, मेघालय, जम्मू कश्मीर, पंजाब,मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से सैकड़ों महंत, पुजारी व विद्वान पहुंचे हैं।
सूर्यकुंड मंदिर के महंत श्री त्रयंबकेश्वर महाराज एवं डॉ. गुण प्रकाश चैतन्य महाराज ने बताया कि महायज्ञ के अंतिम दिन पूर्णाहुति में भारी संख्या में धर्म प्रेमी पहुंचे। मंदिर में वीरवार देर शाम संध्या कालीन महाआरती की गई। महाआरती के दौरान सभी श्रद्धालुओं को 11-11 दीपक लेकर आने के लिए कहा गया था। दशहरा पूजन के साथ सभी श्रद्धालुओं ने मंदिर में हजारों दीपक जलाकर रोशनी की। जगमग रोशन से मंदिर प्रांगण डूब गया।
डॉ. गुण प्रकाश चैतन्य महाराज ने बताया कि दूर दराज से आए अतिथि विद्वानों को सम्मानित किया गया। इस दौरान महंत ने अमादलपुर के युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं एवं बच्चों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस धर्म कुंभ में सबसे बड़ी सेवा रूपी आहुति ग्रामीणों ने दी है। ग्रामीणों की सेवा व सहयोग से इतना बड़ा कार्यक्रम सहजता से संपूर्ण हुआ है। उन्होंने कहा कि गांव के छोटे बच्चों ने भी अपनी योग्यता के अनुसार महायज्ञ में कार सेवा की जो कि काफी सराहनीय है। इस दौरान सूर्यकुंड मंदिर के पंडित सुरेश, जयपाल राणा, सुरेंद्र राणा, कमल राणा, बंटी, अविनाश, हुकम सिंह, राजेंद्र सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।