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घाड़ क्षेत्र में बसों की कमी से विद्यार्थी परेशान

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संवाद न्यूज एजेंसी
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छछरौली। शिक्षण संस्थान खुलते ही छात्र-छात्राओं के सामने बसों की कमी के चलते आने जाने की समस्या खड़ी हो गई है। जिले के घाड़ क्षेत्र के दो दर्जन से ज्यादा गांवों में बस सेवा नहीं है। ऐसे में सैकड़ों विद्यार्थियों को मुश्किल हो रही है। खासकर लड़कियों को शिक्षा संस्थान में आने में ज्यादा परेशानी है।
मुख्य मार्गों पर बसे गांवों के विद्यार्थियों का कहना है कि जगाधरी पावंटा साहिब नेशनल हाईवे पर हरियाणा रोडवेज की लंबी दूरी की बसें नहीं रुकती है। इसी तरह छछरौली से लेदी क्षेत्र में बच्चों के स्कूल आने में छुट्टी के समय बस का टाइम नहीं होने से बच्चों को बरसात के मौसम में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनकी मांग है कि गांव के बस स्टॉप पर रोडवेज की सभी बसें रुकनी चाहिए और लेदी क्षेत्र में बसों के रूट की संख्या भी बढ़नी चाहिए। ताकि स्कूली बच्चे समय पर स्कूल व समय पर घर पहुंच सकें। इस बारे में रोडवेज डिपो के डीआई मायाराम का कहना है कि डिमांड के आधार पर बसों को चलाया जा रहा है।
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छात्र प्रिंस का कहना है कि छछरौली से लेदी की तरफ जाने वाली रोडवेज बसों की संख्या बढ़ानी चाहिए। लेदी से आगे डारपुर व सलेमपुर दो रूट पड़ते हैं। इन रूटों पर केवल एक एक बस है। उनका समय भी स्कूल टाइम के साथ नहीं है। इन दोनों रूटों से लगभग 500 बच्चे छछरौली के शिक्षण संस्थानों में आते हैं। बच्चे ज्यादा है और बस एक है इसलिए बस में बहुत भीड़ होती है।
हर्ष का कहना है कि विभाग को सुबह व छुट्टी के समय स्कूली बच्चों के लिए स्पेशल बस चलानी चाहिए। ताकि बसों में इतनी ज्यादा भीड़ न हो और कोविड-19 बचाव के नियमों का पालन भी हो संके। सुबह स्कूल आते समय बस में इतनी भीड़ होती है कि सही सवारियां में स्कूली छात्र-छात्राएं एक दूसरे के साथ मजबूरीवश साथ खड़े होकर आना पड़ता है। ऐसे हालात में सबसे बड़ा खतरा कोरोना वायरस का है। स्कूल समय में जब बसों की संख्या बढ़ेगी तो यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
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नितिन का कहना है कि छछरौली से खिजराबाद रोड पर पीपली माजरा व भीलपुरा बस स्टॉप पर पावंटा साहिब जाने वाली बस नहीं रूकती। जिसकी वजह से स्कूल में बच्चों को कई घंटे बस स्टैंड पर खड़े होकर गुजारने पड़ते हैं। पिपली माजरा बस स्टॉप पर 6 गांव के लगभग 80 बच्चे बस पकड़ने के लिए आते हैं। लोकल रूट की बस का समय काफी लेट होता है, इसलिए स्कूल से लेट हो जाते हैं।
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