रादौर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बापा में चल रहे सात दिवसीय भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर का शनिवार को छठा दिन रहा। शिविर में विद्यार्थियों ने विभिन्न ज्ञानवर्धक व रचनात्मक गतिविधियों में उत्साह से भाग लिया। शिविर का जिला शिक्षा परियोजना सह-समन्वयक डॉ. धर्मवीर ने शिविर निरीक्षण किया और विद्यार्थियों की गतिविधियों का अवलोकन किया।
शिविर में डॉ. धर्मवीर ने विद्यार्थियों से कहा कि बच्चों को बिना किसी झिझक के आनंदपूर्वक खेल-खेल में ज्ञान अर्जित करना चाहिए। इस प्रकार के शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेल गतिविधियों, समूह कार्यों और संवादात्मक अभ्यासों से बच्चों का मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक और शारीरिक विकास होता है।
वहीं, उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सहयोग की भावना भी विकसित होती है। शिविर में हिंदी प्राध्यापक राकेश पांचाल ने विद्यार्थियों को नदियों, पहाड़ों और ऐतिहासिक स्मारकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक संसाधनों और ऐतिहासिक धरोहरों का अध्ययन हमें प्राचीन सभ्यताओं और विभिन्न संस्कृतियों से परिचित करवाता है। इससे विद्यार्थियों को अपने अतीत, संस्कृति व धरोहर को समझने व भविष्य के लिए बेहतर दृष्टिकोण विकसित करने में सहायता मिलती है।