फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रकृति के प्रति मानव के कुछ कर्तव्य : सुमान्या

Mon, 28 Oct 2024 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

जगाधरी। हनुमान गेट स्थित दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम में साप्ताहिक सत्संग के दौरान साध्वी सुमान्या भारती ने संगत को आध्यात्मिक प्रवचनों से कृतार्थ किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति संपूर्ण मानव जाति के कुछ कर्तव्य हैं। यदि हम अपने स्वार्थ एवं क्षणिक मनोरंजन के लिए अपनी प्रकृति को प्रदूषित करते हैं तो इसका परिणाम हमें ही भुगतना होगा।
उन्होंने कहा कि क्योंकि जो हम प्रकृति को देते हैं, वह कई गुना कर के प्रकृति हमें लौटाती है। यदि हम गहन चिंतन करें तो कदाचित प्रत्येक त्योहार एवं पर्व के आधार एवं मर्म से परिचित हो पाएंगे। हमारे संत महापुरुष समझाते हैं कि ब्रह्मज्ञान वह कुंजी है जिसके द्वारा हमारे भीतर छिपे उस अनमोल खजाने के बंद द्वार को खोला जा सकता है
विज्ञापन

उस खजाने को प्राप्त करने के पश्चात इस सृष्टि में और कुछ पाना शेष नहीं रह जाता है। दीपावली के लिए हम अपने घर एवं दुकानों की साज सज्जा अवश्य करें लेकिन उसके साथ हम अपने आचरण, व्यक्तित्व एवं विचारों का शुद्धिकरण भी करने का प्रयास करें।
विज्ञापन

साधक को अपने अंतर्घट में ही प्रचंड प्रकाश एवं अनहद नाद के रूप में ब्रह्म का अनुभव होता है। हमारा दीपावली या कोई भी त्योहार मनाना तभी सार्थक हो पाएगा जब हम प्रत्येक वर्ष अपनी प्रकृति के पांचों तत्वों जल, वायु ,आकाश, पृथ्वी एवं अग्नि का संरक्षण एवं सदुपयोग कर पाएंगे तभी हम वास्तविकता में सृष्टि के सिरमौर कहलाने के योग्य हो पाएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें