बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता पर लगे आरोपों की जांच करने के लिए मंगलवार दोपहर को एसआईटी मॉडल टाउन स्थित सर्कल कार्यालय पहुंची। उप पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार के नेतृत्व में एसआईटी में महिला थाना प्रभारी शीलावंती और जांच अधिकारी मेवा देवी शामिल रही। टीम ने यहां अधीक्षक अभियंता पर आरोप लगाने वाली महिलाकर्मी व सर्कल कार्यालय के अन्य कर्मचारियों से बातचीत की। उनसे 30 व 31 जुलाई को कार्यालय में हुए घटनाक्रम के बारे में भी विस्तार से बातचीत की।
बिजली निगम में ठेकेदार के माध्यम से कार्यरत एक महिलाकर्मी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह यूएचबीवीएन के सर्कल कार्यालय में कार्य करती है। 30 जुलाई को दोपहर दो से तीन बजे के बीच अधीक्षक अभियंता नरेंद्र ने उसे अपने कार्यालय में बुलाया था। पहले उसने उसे कुर्सी पर बैठने के लिए बोला। कुछ देर बाद कुर्सी टेबल के नजदीक करके उससे कार्यालय में काम करने वाली लड़कियों के बारे में पूछा। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने उसका हाथ पकड़ लिया। इससे वह घबरा गई और कमरे से बाहर आ गई। शाम चार से पांच बजे के बीच आरोपी ने फिर उसे अपने कार्यालय में बुलाया। आरोपी ने उसे बाहर मिलने की बात कही। आरोपी ने कहा कि कार्यालय में बात नहीं होती। इसके बाद आरोपी ने उसे 31 जुलाई को 11 बजे मटका चौक के पास मिलने के लिए कहा। उसने मना कर दिया और कार्यालय से बाहर आ गई। उसके मना करने पर आरोपी ने ठेकेदार से उसका वेतन रुकवा दिया। जब उन्होंने ठेकेदार से बातचीत की तो उन्होंने नौकरी से संबंधित दस्तावेज नहीं होने की बात कही। जबकि उसने अपने सभी दस्तावेज पहले ही कार्यालय में जमा करवाए हुए हैं। आरोप है कि अधीक्षक अभियंता उसे रोज किसी न किसी बात को लेकर परेशान करता रहा और नौकरी से निकालने की धमकी देने लगा। उसने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक व मुख्यमंत्री को भेजी थी। 20 अगस्त को महिला थाना पुलिस ने आरोपी अधीक्षक अभियंता नरेंद्र सिंह के खिलाफ छेड़खानी के आरोप में केस दर्ज किया था।
उधर, अधीक्षक अभियंता नरेंद्र सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार व बेबुनियाद बताया था। उनका कहना है कि महिला कर्मी के पास संबंधित पद के शैक्षणिक दस्तावेज नहीं है। जिस पर उसका वेतन रोका गया था। इसी के चलते महिला आरोप लगा रही है। वह हर जांच के लिए तैयार है।
डीएसपी प्रमोद कुमार का कहना है कि अधीक्षक अभियंता पर लगे आरोपों की जांच करने के लिए टीम सर्कल कार्यालय पहुंची थी। अभी जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।