संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। दिवाली और छठ पर घर जाने के लिए ट्रेन में सीट की मारामारी है। सीट तो दूर लोगों को वेटिंग टिकट तक नहीं मिल पा रही है। हालात यह है कि कई गाड़ियों में स्टेटस नोरूम आ गया है। ऐसे में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।
इस बार रेलवे की ओर से त्योहार पर ज्यादा अतिरिक्त गाड़ियां चलाई ही नहीं गई। कुछेक पर्व विशेष गाड़ियों का ही संचालन किया जा रहा है। चलाई गई अतिरिक्त गाड़ियां साप्ताहिक है, ऐसे में इनमें भी सीट नहीं मिल रही है। सीट के लिए लोग अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं और शुरू से आखिरी स्टेशन तक की टिकट बनवाने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन सीट नहीं मिल पा रही है। ऐसे में त्योहारों पर घर जाने वाले लोगों को भारी निराश मिली है।
औद्योगिक नगरी होने के कारण जिले में बहुत बड़ी संख्या में प्रवासी काम करते हैं। इनमें अधिकतर उत्तरप्रदेश, पूर्वी उत्तरप्रदेश, बिहार, बंगाल, उड़ीसा सहित पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों के लोग हैं। दीपावली के बाद पूर्वोत्तर भारत का दूसरा बड़ा त्योहार छठ पर्व आता है। छठ पर प्रवासियों में घर जाने की भारी होड़ रहती है। यात्रियों की संख्या के अनुरूप गाड़ियां न होने के कारण किसी भी ट्रेन में सीट नहीं मिल पा रही हैं। सभी गाड़ियों में लंबी वेटिंग चल रही है।
कई गाड़ियों में त्योहार के दिनों के लिए वेटिंग तक समाप्त हो गई है। ऐसे में यात्रियों में भारी निराशा है। शहरवासी अमित कुमार, नितिन कुमार, शुभम, बृजेश ने बताया कि कोरोना बचाव की नियमावली के अनुसार पैसेंजर व इंटरसिटी गाड़ियों को छोड़कर अन्य में बिना आरक्षण के सफर नहीं किया जा सकता है। सामान्य बोगी में सफर करने के लिए भी आरक्षण करवाना पड़ रहा है। पहले आरक्षण न मिलने पाने की स्थिति में यात्री सामान्य कोच में सफर कर सकते थे। रेलवे ने यह विकल्प बंद कर दिया है, जिससे परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है।
इन गाड़ियों में वेटिंग टिकट भी नहीं
जम्मूतवी से चलकर कोलकाता जाने वाली ट्रेन में इन दिनों में वेटिंग समाप्त हो गई है। अमृतसर-हावड़ा-अमृतसर मेल में शनिवार को वेटिंग 300 रही। हावड़ा-जम्मू-हावड़ा हिमगिरी मेल में भी वेटिंग समाप्त हो गई है। फिरोजपुर-धनबाद में वेटिंग टिकट नहीं मिल रहा है। इस ट्रेन में 19 नवंबर के बाद वेटिंग टिकट बन पाएगी। हिमगिरी एक्सप्रेस में नोरूम हो गया है।
पांच ट्रेनों में से दो का यमुनानगर में ठहराव
रेलवे की ओर से इस बार पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न स्टेशनों के कुल पांच गाड़ियां चलाई गई हैं। दो गाड़ियां वाराणसी के लिए, एक गोरखपुर के लिए चलाई गई है। दो अन्य गाड़ियां सहरसा, दरभंगा के लिए चलाई गई हैं। यह सभी गाड़ियां यमुनानगर जगाधरी रेलवे स्टेशन से होकर गुजरेंगी, लेकिन इनमें से मात्र दो का ही ठहराव यहां दिया गया है।
त्योहार को देखते हुए पांच अतिरिक्त गाड़ियां चलाई गई हैं। दो ट्रेनों का ठहराव यमुनानगर जगाधरी दिया गया है। अतिरिक्त गाड़ियां चलाने की डिमांड भेजी गई है। इसका फैसला मुख्यालय से किया जाएगा। - हरिमोहन, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक।