फैक्ट्रियों में लकड़ी सप्लाई के व्यवसाय में पैसे लगाकर अच्छी कमीशन कमाने का लालच देकर
एमआर प्लाईवुड फैक्टरी के अकाउंटेंट तरूण सेठी से 55.18 लाख रुपये ठगने का मामला प्रकाश में आया है।
पुराना हमीदा निवासी तरूण सेठी ने शहर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अकाउंटेंट है और शहर की एमआर प्लाईबोर्ड फैक्टरी व कई अन्य व्यवसायिक फर्मों के अकाउंट का कार्य देखता है।
अक्टूबर 2017 में उसकी मुलाकात पांसरा स्थित हेमंत टिंबर के संचालक कलानौर निवासी विशाल नरवाल व उसके पार्टनर सूरज से हुई। आरोपी विशाल, उसकी पत्नी रूचिका, भाई विकास, पिता कर्मवीर व पार्टनर सूरज इस फैक्टरी में लकड़ी बेचने का कार्य करते थे। एमआर फैक्टरी में अकाउंटेंट का काम करने के दौरान उसकी आरोपियों से जान पहचान हो गई थी। जुलाई 2020 में आरोपी उसके पास आए और उसे कहने लगे कि उनकी फर्म अन्य फैक्ट्रियों में भी लकड़ी सप्लाई करती है। वहां से पेमेंट मिलने से 30 से 35 दिन का समय लग जाता है। यदि इस व्यापार में वह पैसा लगाए, तो उसे कमीशन के रूप में अच्छा मुनाफा मिलेगा।
इसके लिए फैक्ट्रियों में माल भेजने के बाद वहां हस्ताक्षर की हुई कांटा पर्ची रख लेना और बदले में पेमेंट कर देना। 30 से 35 दिन में फैक्टरी से पेमेंट मिलने के बाद यह पैसा वापस मिल जाएगा। इस तरह से आरोपियों ने उसे अपनी बातों में उलझा लिया। इस तरह से वह पर्चियां देने लगे। 16 जुलाई 2021 तक अलग-अलग पहुंच कांटा पर्चियां देते रहे। इस दौरान उसने आरोपियों को 55 लाख 18 हजार 770 रुपये दे दिए।
लेकिन आरोपियों ने उसे कोई कमीशन नहीं दिया। जब उनसे आरोपियों से यह पैसा मांगा, तो आरोपियों का व्यवहार उसके प्रति बदल गया। इसके बाद आरोपी उससे टाल मटोल करने लगे। जब वह आरोपियों को फोन करता तो उन्होंने फोन भी उठाना बंद कर दिया। फोन न उठान पर जब उसने आरोपी के घर जाकर इस बारे में बात की तो उन्होंने उसे धमकाना शुरू कर दिया। मौजिज लोगों से बातचीत कर एक दिन उसने आरोपियों को एमआर प्लाईबोर्ड में बुलाया। वहां पर आरोपियों से बात की, तो सात दिन में सारे रुपये देने का वादा किया। लेकिन निर्धारित समय में आरोपियों ने उसके रुपये नहीं दिए।
बाद में आरोपियों ने उसे रुपये देने से साफ मना कर दिया। दोबारा रुपये मांगने पर आरोपियों ने उससे गाली गलौच की और जान से मारने की धमकी दी। परेशान होकर उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी। शहर थाना पुलिस ने मामले में हेमंत टिंबर के संचालक विशाल नरवाल, उनकी पत्नी रूचिका नरवाल, भाई विकास नरवाल, पिता कर्मवीर व पार्टनर पांजूपुर निवासी सूरज के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में शहर थाना प्रभारी सुखबीर सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।