संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की सनक ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। तांत्रिक सिद्धि पाने की लालसा में पांच साल के मासूम प्रिंस की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी दंपती की पुलिस रिमांड वीरवार को पूरा गया। अदालत में पेशी के बाद दोनों आरोपियों शिव कुमार व उसकी पत्नी भारती को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई रस्सी और कपड़ा बरामद किया है, जिससे मासूम प्रिंस को बांधकर गला घोंटा गया था। पुलिस के अनुसार यह बरामदगी मामले में निर्णायक साक्ष्य साबित हो सकती है, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
जानकारी के अनुसार 30 जुलाई 2025 को कामी माजरा गांव निवासी रविंद्र का इकलौता बेटा प्रिंस अचानक लापता हो गया था। पांच बहनों के बीच इकलौता भाई होने के कारण वह परिवार की आंखों का तारा था। अगले दिन पांसरा गांव में ट्यूबवेल के पास नाले से उसका शव बरामद हुआ था। पुलिस जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने समाज को झकझोर कर रख दिया। हत्या किसी दुश्मनी या रंजिश का नतीजा नहीं, बल्कि तंत्र-मंत्र की अंधी आस्था का परिणाम थी। मुख्य आरोपी शिवकुमार उर्फ सोनी अपनी कथित शक्तियों को बढ़ाने के लिए किसी के इकलौते बेटे की बलि देना चाहता था। इसी सोच के चलते उसने अपनी पत्नी भारती के साथ मिलकर इस जघन्य अपराध की साजिश रची थी।
हैरानी की बात यह है कि आरोपी शिव कुमार की पत्नी आरोपी भारती मृतक प्रिंस की चचेरी बहन है, जिसने रिश्तों की सारी मर्यादाएं तोड़ दीं।30 जुलाई को शिवकुमार के बेटे की बर्थडे पार्टी थी, जिसमें प्रिंस भी शामिल हुआ। मेहमानों के जाने के बाद शाम करीब छह बजे प्रिंस को उसके घर के बाहर से किडनैप कर लिया गया। रात में उसे श्मशान घाट ले जाकर तंत्र-मंत्र की प्रक्रिया के नाम पर गला घोंटकर हत्या कर दी गई और शव को नाले में फेंक दिया था। इस मामले में दो नाबालिगों की भूमिका भी सामने आई है, जिन्हें बाल सुधार गृह भेजा गया है। डीएसपी रजत गुलिया ने बताया कि रिमांड में मिले सबूत जांच को मजबूत करेंगे।