फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो विभागों के बीच उलझी एनएच-73ए की मरम्मत, खामियाजा भुगत रहे लोग

विज्ञापन
विज्ञापन
यमुनानगर। जिले में सड़क हादसे कैसे रुकेंगे, जब नेशनल हाईवे-73ए के मरम्मत का कार्य दो विभागों के बीच लटका हो। यह सवाल अक्सर शहरवासियों को जेहन में उभरता है। जगाधरी बस स्टैंड से पांवटा साहिब तक नेशनल हाईवे-73ए की मरम्मत दो विभागों के बीच उलझ कर रह गई है। वह भी तब जब हाईवे पर कई ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना के संभावित प्वाइंट हैं।
विज्ञापन

गौरतलब है कि यह सड़क नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की है लेकिन हाईवे को ठीक करने का जिम्मा पीडब्ल्यूडी के पास है। हाईवे की मरम्मत करने की बात जब आती है तो दोनों विभाग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। सड़क सुरक्षा की बैठक में तो दोनों विभाग सड़क की कमियों को जल्द दूर करने की बात कहते हैं परंतु जब काम करना होता है तो दोनों एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल देते हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
पिछले कुछ समय से नेशनल हाईवे-73ए की मरम्मत का जिम्मा एनएचएआई ने पीडब्ल्यूडी को दिया हुआ है। हाईवे के खस्ता हाल होने का मुद्दा कई बार सड़क सुरक्षा की बैठक में उठ चुका है। गत रोड सेफ्टी की मीटिंग में हाईवे के अधिकारियों ने दावा किया था कि वह एक माह में बस स्टैंड से लेकर कलेसर में लाल ढांग तक हाईवे की सभी खामियों को ठीक करवा देंगे लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ। पीडब्ल्यूडी ने सभी खामियों को दूर करने के लिए एनएचएआई से करीब 75 लाख रुपये की डिमांड की थी। अधिकारियों ने इसमें कटौती करके 55 लाख रुपये देने की बात कही। 55 लाख में से भी करीब 25 लाख रुपये ही पीडब्ल्यूडी को मिले हैं। यह राशि नाकाफी है। इसलिए छोटी-मोटी कमियों को दूर करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने पांच लाख रुपये का टेंडर लगाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें