संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विजयदशमी पर श्री वेद व्यास रामलीला क्लब की ओर से रावण दहन व दशहरा मेला लगाया गया। राजकीय आदर्श संस्कृति विद्यालय के खेल मैदान में 40 फीट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया। मुख्यातिथि पूर्व साढौरा विधायक एवं भाजपा नेता बलवंत सिंह ने राम लक्ष्मण सीता व हनुमान की पूजा की। इसके बाद बुराइयों के प्रतीक रावण के पुतला धू-धूकर जलते देखकर दर्शकों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए।
क्लब की ओर से दशहरा से एक दिन पहले ही मैदान में पुतला खड़ा कर दिया गया था। खेल मैदान में लगे 40 फीट के रावण पुलते को देखने के लिए सुबह से ही भारी भीड़ जमा होने लगी। चेयरमैन विपिन सिंगला ने कहा कि युग परिवर्तन त्योहार पर किसी प्रकार का कोई प्रभाव नहीं डाल सका। छोटे हो या बडे़, सभी त्योहार श्रद्धा, विश्वास, नैतिकता व विशुद्धता का संदेश देते हैं।
इससे लोगों में सच्चाई व आत्मविश्वास की भावना प्रबल होती है। देश के त्योहारों का महत्व धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत अधिक है। त्योहार विशुद्ध प्रेम, भेदभाव और सहानुभूति का महत्वाकांक्षी करते है। इस दौरान क्लब प्रधान सूरजभान सैनी, संयोजक, चंद्रमोहन कटारिया, मुकेश बंसल, अरुण डंडाल, रोहित सिंगला, राजेश गर्ग, दीपक भारद्वाज, दीपक छाबड़ा आदि उपस्थित रहे।
नहीं लगा बड़े स्तर पर दशहरा मेला, बुडिया में फूंके पुतले
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यमुनानगर। प्रशासन से अनुमति न मिलने के कारण इस बार जिले में कहीं भी बड़े स्तर पर पुतला दहन और दशहरा मेला नहीं लगाया गया है। वहीं रामलीला मंचन समितियों ने भी पुतला दहन की अनुमति न मिलने के कारण कार्यक्रम रद्द कर दिया। इस बार शहर से सटे बुडिया में दशहरा पर पुतला दहन किया गया।
प्रत्येक वर्ष दशहरा पर जिलास्तर के तीन से चार स्थानों पर मेला लगाया जाता रहा है। कोरोना संक्रमण के कारण इस बार कहीं भी मेला नहीं आयोजित किया गया है। दशहरा मेला न होने के कारण लोगों में भारी निराशा है। रामलीला मंचन करने वाली समितियों ने भी भारी भीड़ जुड़ने की संभावनाओं को देखते हुए पुतला दहन कार्यक्रम रद्द कर दिया है। हालांकि समितियों ने इसके लिए प्रशासन और सरकार से अनुमति मांगी थी। कोरोना संक्रमण को देखते हुए अनुमित मना कर दिया गया था।
दशहरा पर मॉडल टाउन के दशहरा ग्राउंड, सिटी सेंटर पार्क, जगाधरी मिलिट्री ग्राउंड, जगाधरी वर्कशॉप सहित अन्य स्थानों पर बड़े स्तर पर पुतला दहन किया जाता रहा है। परंतु इस बार शहर से सटे बुडिया में रामलीला के बाद दशहरा पर पुतला दहन किया गया। इस दौरान पातालेश्वर मंदिर के पीछे मैदान में रावण, कुंभकरण व मेघनाथ के पुतले फूंकें गए। इससे पूर्व रावण और राम सेना नगर भ्रमण के बाद रण भूमि पहुंची। वहां दोनों सेनाओं के बीच युद्ध हुआ। युद्ध के बाद श्रीराम और लखन ने पुतलों का दहन किया।