यमुनानगर। डीजीपी जेल आकिल मोहम्मद ने रविवार को जिला जेल का निरीक्षण किया और कैदी-बंदियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि जल्द ही जेल में साइकोलोजिस्ट पैरामेडिकल स्टाफ रखे जाएंगे। इनका कार्य कैदियों की काउंसलिंग कर उन्हें तनाव से दूर करेंगे। इससे जहां कैदियों का तनाव दूर होगा, वहीं उनमें नई ऊर्जा का संचार और सकारात्मक सोच आएगी। इसके अलावा कैदियों के खाने में भी बदलाव किया जाएगा। इससे उन्हें नए-नए व्यंजन खाने को मिलेंगे तथा मैन्यू के आधार पर पकवान बनेंगे।
उन्होंने कहा कि कैदियों को पैरोल इसलिए दी जाती है कि वह बाहर आकर अपने परिवार से मिल सकें। पैरोल से लौटने वाले कैदियों की विशेष जांच की जाएगी, क्योंकि यमुनानगर का क्षेत्र हिमाचल प्रदेश व उत्तर प्रदेश के बार्डर से लगता है। ऐसे में नशे की संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि कई बार जेलों से भी बदमाशों के धमकी देने की बात सामने आती है। कई जगहों पर ऐसे मामले सामने आए हैं, लेकिन जेल स्टाफ ऐसे अपराधियों से निपटने में सक्षम है। इस मौके पर यमुनानगर के एसपी कमलदीप गोयल, जेल एसपी संजीव पातड़, डीएसपी रघुवीर सिंह व डीएसपी जसवंत सिंह भी मौजूद रहे।