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पुलिस देगी खुशनुमा माहौल, ताकि नशा छोड़ सकें लोग

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संस्थाओं के पदाधिकारियों व नशा रोगियों से बातचीत करते पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल - फोटो : Yamuna Nagar
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यमुनानगर। जिला पुलिस के चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान में नशा रोगियों की संख्या 100 के लगभग हो गई है। सबका इलाज सिविल अस्पताल से करवाया जा रहा है। मंगलवार को हुए नशा मुक्ति मुहिम में यह निर्णय लिया गया है कि इन सभी रोगियों को खुशनुमा आवासीय माहौल दिया जाएगा।
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अंबाला रोड स्थित पुलिस लाइन जगाधरी में 9 नवंबर से 15 दिनों तक इनके रहने खाने-पीने का इंतजाम जिला पुलिस करेगी। इस दौरान यहां पर योग, सांस्कृतिक गतिविधियां, खेलकूद व अलग दिन अलग-अलग कार्यक्रम भी होंगे। परिवार के मिलने के लिए भी एक समय निश्चित होगा। ये प्रयास इसलिए कि ये सब व्यस्त रहकर नशे को अलविदा कहें। कार्यक्रम में अंबाला रेंज के आईजी भारती अरोड़ा को भी आमंत्रित किया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने स्पष्ट किया कि हमने यह निर्णय इसलिए लिया है कि हम पहले दिन से जुड़े किसी भी रोगी को ना भूलें। उनका इलाज नियमित चलना चाहिए। यह उन सबकी जिम्मेदारी है। जिस पर वे 100 प्रतिशत खरा उतरेंगे। उधर, अभियान के जिला संयोजक अधिवक्ता सुशील आर्य ने 15 दिवसीय कार्यक्रम को ऐतिहासिक कदम बताया। बता दें 11 नवंबर को यमुनानगर, कुरुक्षेत्र व अम्बाला उपायुक्त, अंबाला पुलिस अधीक्षक के पुलिस रेंज अम्बाला में कार्यक्रम है, इसमें नशे पर पुलिस अधीक्षक प्रस्तुति देंगे।
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छह हजार की रोजाना स्मैक पीने वाला रोगी भी आया
पुलिस अधीक्षक गोयल ने कहा कि नशा रोगियों की अभी तक दवाई और काउंसलिंग चल रही है। सिर्फ रोगी को यह करना है कि डॉक्टर को झूठ नहीं बोलना। यदि हम डॉक्टर से झूठ बोलेंगे तो खुद का नुकसान होगा। इस मुहिम में मंगलवार को चौकाने वाले खुलासे हुए। एक लड़का ऐसा था जो प्रतिदिन 2000 रुपये की स्मैक पी जाता था। एक ऐसा भी शख्स आया जो प्रतिदिन 6000 रुपये की स्मैक पी जाता है। इन दोनों का भी इलाज शुरू करवा दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया एनजीओ ने कीमती अपना समय दिया है। हर दिन ऊर्जा लगा रहे हैं। नशा रोगियों को यह बात समझनी होगी कि नशा करने से पूर्व में ही मौत हो जाती है। यह बात डराने के लिए नहीं है, बल्कि कड़वा सच है। हमें अपने परिवार के बारे सोचना है कि उसे हम कैसे मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने कहा, करना वही है जो डॉक्टर ने कहा है तभी नशा छूटेगा।
नशा मुक्ति केंद्र पर दी जाती है प्रताड़ना, एसपी बोले, एसएसपी सहारनपुर से करेंगे बात
कार्यक्रम में नशा मुक्ति केंद्र की प्रताड़ना की भी बात हुई। इस पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वे जल्द ही एसएसपी सहारनपुर से मुलाकात और बात करेंगे। उन्होंने बताया कि जिन लोगों को यूपी के एक नशा मुक्ति केंद्र से रेस्क्यू करवाया गया है, उन्होंने बातचीत में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्हें वहां पर प्रताड़ना दी जाती थी, जो तरीका वो इलाज में आजमा रहे हैं वह बिल्कुल गलत है। उन्होंने रोगियों को प्रेरित करते हुए कहा कि नशे की चपेट में कोई भी आ सकता है। अगर शरीर नशे की मांग करता है तो हम शरीर से ही इस नशे को छुड़वाने के लिए दृढ़ शक्ति से काम करेंगे। उन्होंने अपने दोस्त का उदाहरण देते हुए बताया कि वह 10 साल से नशे का आदी था। दृढ इच्छा शक्ति की वजह से उसने नशा छोड़ दिया।
खर्च और पूरा कार्य पारदर्शिता से होगा
पुलिस अधीक्षक गोयल ने कहा दो चीजें बेहद आवश्यक है पहली इच्छा शक्ति, दूसरी आप आपने गलत संगत से बचना है। सबको आपकी चिंता है, चिंता इसलिए है कि आप जल्द से जल्द सामान्य जीवन जीने लगे और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। बैठक में बताया गया कि जल्द ही सेवानिवृत निरीक्षक दीदार सिंह को भी मुहिम से जोड़ा जाएगा। ड्रग-डी एडिक्शन हेल्पलाइन 8818001383 पर अब तक 157 कॉल आ चुकी है। चार कॉल नारायणगढ़ जिला अंबाला जिले की है, इनसे साढौरा की टीम संपर्क करेगी। यह निर्णय भी लिया गया है कि बुड़िया से पीर जी और इस्कॉन को भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाएगा।
पुलिस प्रवक्ता ने दी दो दिन की सैलरी दान-
इस मौके पर पुलिस अधीक्षक ने सही राह को 11000 रुपये देने का एलान किया। पुलिस प्रवक्ता चमकौर सिंह ने भी 2 दिन की सैलरी सही राह को दान की। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आम आदमी भी सही राह को दान दे सकता है। वो चाहे एक रुपया क्यों ना हो, ऐसा इसलिए कि इसे जन आंदोलन बनाना है। स्पष्ट किया गया कि खर्च और पूरा कार्य पारदर्शिता से होगा।

संस्थाओं के पदाधिकारियों व नशा रोगियों से बातचीत करते पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल- फोटो : Yamuna Nagar

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