यमुनानगर। चार से 10 नवंबर तक लक्कड़ मंडी बंद रहेगी। त्योहारी सीजन के चलते मंडी यूनियन की ओर से यह फैसला लिया गया है। दूसरी ओर मंडियां बंद होने के चलते शहर की प्लाईवुड फैक्टरी संचालकों ने माल को स्टॉक कर लिया है। उधर, मंडी बंद होने के ऐलान के बाद लकड़ी के रेट 70 से 90 रुपये तक बढ़ गए हैं। ऐसे में प्लाईवुड फैक्टरियों में तैयार होने वाले माल के रेट भी बढ़ने स्वाभाविक है।
बता दें यमुनानगर में 350 से अधिक प्लाईवुड इकाइयां हैं जहां रोजाना करोड़ों रुपये का माल तैयार होता है जोकि गुजरात, मुंबई, राजस्थान व बिहार के अलावा अन्य राज्यों में सप्लाई होता है।
मंडोली आढ़ती संगठन के प्रधान शुभम राणा ने बताया कि त्योहारी सीजन के चलते हर साल लक्कड़ मंडी को बंद रखा जाता है। चूंकि इन दिनों में बाहरी राज्यों के मालिक लोकल प्लाईवुड फैक्टरियों को भुगतान नहीं करते, ऐसे में जब पैसा नहीं आता तो लक्कड़ मंडी के भुगतान पर भी इसका असर पड़ता है। इसी के चलते शहर की मानकपुर और मंडोली लक्कड़ मंडी तीन की बजाय चार नवंबर से 10 नवंबर तक बंद रहेगी। 11 नवंबर को दोबारा से मंडी में लकड़ी की आवक शुरू हो जाएगी। इसी प्रकार हरियाणा प्लाईवुड मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के प्रधान जेके बिहानी के मुताबिक 350 से अधिक शहर में प्लाईवुड फैक्टरियां है। लक्कड़ मंडी बंद होने के चलते प्लाईवुड भी बंद रहेगी जोकि आठ नवंबर तक बंद रहेगी। इस दौरान माल की दिक्कत न आए इसको देखते हुए माल को इमरजेंसी के लिए स्टॉक कर लिया गया है।
पोपुलर और सफेदा की ज्यादा खपत
बता दें मानकपुर और मंडोली यह दो जिले की बड़ी लक्कड़ मंडियां हैं। इन दोनों मंडियों में आमदिनों में करोड़ों रुपये की लकड़ी आती है, लेकिन ज्यादातर पोपुलर और सफेदा आता है जो प्लाईवुड फैक्टरियों में आपूर्ति होता है, जिससे अलग-अलग प्रकार का माल तैयार होता है। मौजूदा समय में पोपुलर का रेट 700 से 800 रुपये प्रति क्विंटल जबकि सफेदा 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल है इन मंडियों में जिला के अलावा यूपी आदि से भी लकड़ी आती है।