कई राज्यों के अलावा अमेरिका में भी करते हैं निर्यात
सुभाष कांबोज ने बताया कि वह पूरे भारत में खुद शहद की बिक्री करते हैं। उनका शहद हरियाणा, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल आदि में बिकता है। वहीं दूसरी ओर सरसों के फूलों का शहद अमेरिका समेत कई अन्य देशों में जाता है। सरसों के फूलों से मधुमक्खियों द्वारा तैयार किए गए शहद की बाहर के देशों में ज्यादा मांग है। वह 10 एकड़ में खेती करते हैं।
1996 में खादी ग्राम उद्योग से मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद मधुमक्खी पालन के छह बॉक्स से उन्होंने काम शुरू किया था। इन बॉक्स को वे मौसम व फूलों की उपलब्धता के आधार पर अन्य राज्य महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश व जम्मू कश्मीर आदि में स्थानांतरित करते हैं।
अब तक वह हजार से ज्यादा लोगों को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना चुके हैं। मधुमक्खी पालन से शहद के अतिरिक्त छह उत्पाद- मोम, कोम्ब हनी, बी प्रोपोलिस, बी पोलन, वीवनम व रायल जैली भी तैयार करते हैं। आईबीडीसी कुरुक्षेत्र में उनको मुख्यमंत्री मनोहर लाल, हरियाणा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, उदयपुर विश्वविद्यालय व यमुनानगर के उपायुक्त रहे रोहतास खर्ब द्वारा मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में सम्मानित किया जा चुका है।