हरियाणा सरकार का रोडवेज परिचालकों के हाथों में ईटीएम (इलेक्ट्रोनिक टिकटिंग मशीन) सौंपने का ड्रीम व पायलट प्रोजेक्ट मार्च माह में साकार हो जाएगा। हालांकि प्रोजेक्ट पुराना है। मगर लागू होते ही राज्य के 5465 परिचालकों को मौजूदा पंचिंग टिकट से छुटकारा मिल जाएगा। इन्हीं में से यमुनानगर के 193 परिचालकों को भी यह ई-टिकटिंग मशीन मिल जाएगी। हरियाणा रोडवेज बस परिचालक टिकट फाड़कर नहीं देंगे, बल्कि एक बटन दबाते ही टिकट बाहर आएगा।
उल्लेखनीय है कि मशीन के अंदर पहले ही किराया तथा स्टेशन के नाम भरे होंगे। केवल परिचालक को गंतव्य का नाम लिखना होगा। इतना ही नहीं मशीन में डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड स्वाइप करने का सिस्टम भी रहेगा। इससे यात्रियों को कैश लेकर जाने से भी निजात मिलेगी। वह अपने डेबिट कार्ड एवं क्रेडिट कार्ड से टिकट कटवा सकेंगे।
बता दें उत्तर प्रदेश की तर्ज पर यह राज्य सरकार का पायलट प्रोजेक्ट है। अब रोडवेज के परिचालकों को भी पंच लगाकर टिकट काटने से निजात मिलेगी। मौजूदा समय में रोडवेज डिपो में कुल 5465 परिचालक हैं जिनमें 3011 ऑनरूट हैं।
आंकड़ों के मुताबिक चंडीगढ़ डिपो में 59, पानीपत डिपो में 204, दिल्ली डिपो में 149, करनाल डिपो में 264, पलवल डिपो में 110, रोहतक डिपो में 374, रेवाड़ी डिपो में 230, अंबाला डिपो में 277, यमुनानगर डिपो में 193, हिसार डिपो में 340, कैथल डिपो में 168, पंचकूला डिपो में 181, नारनौल डिपो में 231, फरीदाबाद डिपो में 203, गुरग्राम डिपो में 265, भिवानी डिपो में 254, कुरुक्षेत्र डिपो में 239, जींद डिपो में 240, फरीदाबाद डिपो में 211, सोनीपत डिपो में 287, चरखी दादरी डिपो में 246, नूह डिपो में 122 और झज्जर डिपो में 265 परिचालक हैं।
नहीं हो सकेगा फ्रॉड
रोडवेज में ई टिकटिंग मशीन लागू होते ही यात्रियों फ्रॉड नहीं हो सकेगा। फ्राड का एक मामला 19 जनवरी को सामने आया था। दरअसल रोडवेज ट्रैफिक मैनेजर संजय रावल व इंस्पेक्टर मायाराम सहित अन्य कर्मचारी हिमाचल-पंजाब में रोडवेज बसों की चेकिंग पर थे। जब उनकी टीम मनाली-मंडी मार्ग के बीच में चेकिंग कर रही थी तो इसी दौरान यमुनानगर डिपो की रोडवेज बस जो कि मनाली से यमुनानगर सवारियां लेकर आ रही थी।
टीम ने बस में बैठी सवारियों के टिकट की चेकिंग की तो पांच सवारियां ऐसी मिली थीं जिनके पास टिकट नहीं था। तब सवारियों ने बताया था कि परिचालक ने पैसे लेकर टिकट नहीं दिया था। इसपर यमुनानगर रोडवेज महाप्रबंधक ने परिचालक व चालक को सस्पेंड कर दिया था।
लेकिन अब ऐसा नहीं होगा ई-टिकट शुरू करने से पहले प्रत्येक रूट मशीन में अपडेट कर किराया निर्धारित करना होगा, क्योंकि मशीन में अपडेट रूट की ही टिकट कटेगी। जबकि मौजूदा समय में परिचालक को एक हाथ में टिकटों का पूरा बंडल उठाकर रखना पड़ता है। हर जगह रुकने के लिए अलग-अलग टिकट का हिसाब रखना पड़ता है।
ई टिकटिंग मशीन मार्च माह में लागू हो जाएगी। इसी माह में सभी परिचालकों के हाथों में यह ई टिकटिंग मशीन होगी। इससे यात्री और कर्मचारी दोनों को काफी राहत होगी। इसके अलावा कोई फ्रॉड भी नहीं हो सकेगा। -मूलचंद शर्मा, परिवहन मंत्री