यमुनानगर। सिविल अस्पताल के फिजिशियन पर ट्रामा सेंटर में भर्ती मरीजों ने मारपीट व अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि फिजिशियन ने गाली गलौच करते हुए मारपीट की। एक मरीज के मुंह पर थप्पड़ मारे जबकि एक मरीज के सिर में जूते मारकर उससे अभद्रता की गई। घटना के बाद गुस्साएं मरीजों व उनके परिजनों ने ट्रामा सेंटर में जमकर हंगामा किया। हंगामा होता देख सिविल अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर व अन्य चिकित्सक मौके पर पहुंचे।
उन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे फिजिशियन के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। इसके बाद पीड़ित मरीज व उनके परिजन सिविल सर्जन से मिले। मौके पर आरोपी फिजिशियन को बुलाया गया। फिजिशियन ने सिविल सर्जन व अन्य डॉक्टरों के समक्ष पीड़ित मरीजों से माफी मांगी और कहा कि उनसे गुस्से में ऐसा हुआ, भविष्य में उनसे ऐसा कुछ नहीं होगा। उधर, सिविल सर्जन डा. दहिया ने मामले में गहनता से जांच के लिए तीन डॉक्टरों की कमेटी का गठन किया है। ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृति न हो।
साढौरा क्षेत्र निवासी रमेश चंद ने बताया कि लीवर में शिकायत होने पर वह तीन-चार दिन पहले ट्रामा सेंटर में भर्ती हुआ था। बुधवार सुबह फिजिशियन डॉक्टर ट्रामा सेंटर में मरीजों की जांच के लिए आया था। उसकी जांच के दौरान डॉक्टर ने उससे पूछा कि वह शराब पीता है। जिसके जवाब में उसने डॉक्टर को बताया कि वह शादी समारोह व विशेष कार्यक्रमों में शराब पी लेता है, लेकिन जब से वह बीमार है, तब से उसने शराब छोड़ रखी है। आरोप है कि इस पर डॉक्टर उस पर भड़क गया और अभद्रता करने लगा। आरोपी ने पहले उसे बेड पर लिटाकर कोहनी से कमर में मारा। इसके बाद आरोपी डॉक्टर ने उसे एक के बाद एक कई थप्पड़ जड़ दिए।
इसी तरह से आरोपी डॉक्टर ने उसके बेड के पास ही दूसरे बेड पर लेटे प्रेमनगर कॉलोनी निवासी के बाल पकड़कर खींचे। वह मरीज भी कई दिनों से यहां लीवर व पेट के रोग को लेकर भर्ती हैं। आरोपी डॉक्टर ने उस मरीज के मुंह पर लात मारी और गाली गलौज की। जब अन्य मरीजों व तीमारदारों ने उसे रोकने का प्रयास किया तो आरोपी डॉक्टर ने उनसे भी अभद्रता की।
मरीजों ने बताया कि आरोपी डॉक्टर पहले भी कई बार मरीजों के साथ अभद्रता कर चुका है। अभी कुछ दिन पहले उसने ट्रामा सेंटर में दाखिल बुखार के मरीजों के साथ दुर्व्यवहार किया था। इसके अलावा ओपीडी में भी वह अक्सर मरीजों के साथ अभद्रता करते हैं। कई बार उनकी शिकायत की जा चुकी है।
साढौरा क्षेत्र की रीटा ने बताया कि आरोपी डॉक्टर ने ट्रामा सेंटर में कई मरीजों से मारपीट की। उसके पति के साथ भी मारपीट व अभद्रता की। कई मरीजों से गाली गलौच करते हुए आए। उसके पति के सिर में जूता मारा।
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डॉक्टर के माफी मांगने से मामला हुआ शांत : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया का कहना है कि मामले के बाद फिजिशियन व शिकायतकर्ता मरीजों को बुलाया गया था। सीनियर मेडिकल ऑफिसर व अन्य मुख्य डॉक्टर के समक्ष बातचीत की गई। जिसमें फिजिशियन ने गुस्से में मारपीट होने की बात कही है। फिजिशियन डॉक्टर ने शिकायतकर्ता मरीजों से माफ मांग ली है। जिसके बाद परिजनों की कोई शिकायत नहीं रही। उन्होंने अपने स्तर पर भी तीन डॉक्टरों की कमेटी का गठन कर मामले की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए है, ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो। इसके अलावा सभी डॉक्टर व स्टाफ सदस्यों को भी मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करने के सख्त निर्देश जारी किए है।
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वर्जन
फिजिशियन डॉक्टर का कहना है कि अचानक गुस्सा आने पर उनसे मरीजों के साथ गलत व्यवहार हुआ है। भविष्य में वे इसका पूरी तरह ध्यान रखेंगे। किसी भी मरीज के साथ किसी प्रकार का अभद्र व्यवहार नहीं किया जाएगा।
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रामपुरा चौकी इंचार्ज भूपेंद्र सिंह का कहना है कि हंगामे की सूचना पर वे ट्रामा सेंटर पहुंचे थे। उनके पास किसी की कोई शिकायत नहीं आई है। सिविल सर्जन ने दोनों पक्षों को अपने कार्यालय में बुलाकर मामला शांत करवा दिया गया है।