संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गांव शाहपुर निवासी परमिंद्र सिंह ने एशियन रोइंग चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल कर देश व गांव का नाम रोशन किया। इस उपलब्धि के बाद परमिंद्र सिंह के घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। फिलहाल परमिंद्र सिंह अपने पिता व कोच इंद्रपाल सिंह के साथ 8 दिसंबर से 12 दिसंबर तक आयोजित एशियन चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए थाइलैंड में मौजूद है।
रजत पदक के बारे में इंद्रपाल सिंह ने फोन के माध्यम से यहां परिजनों को जानकारी साझा की। परमिंद्र के दादा अमरीक सिंह बताया कि उसका पोता परमिंद्र सिंह ने थाइलैंड में आयोजित एशियन रोइंग चैंपियनशिप की एकल रोइंग प्रतियोगिता के फाइनल में दो किलोमीटर की दूरी मात्र आठ मिनट सात सेकंड में तय कर रजत पदक हासिल किया।
पदक जीतने की खबर लगते ही आसपास के गांवों के ग्रामीण घर पर बधाई देने के लिए पहुंचने लगे है। प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक उज्बेकिस्तान व कांस्य पदक इंडोनेशिया के खिलाड़ी ने जीता। अमरीक सिंह ने बताया कि परमिंद्र सिंह पिछले कई वर्ष से अपने पिता व कोच एशियन गेम्स में पदक विजेता इंद्रपाल सिंह के मार्ग दर्शन में तैयारी कर रहा था। लॉकडाउन के दौरान भी परमिंद्र गांव शाहपुर-302 में घर पर कोच के मार्गदर्शन में खेल की तैयारी के लिए समय देता रहा है। इसके साथ अन्य युवा खिलाड़ी भी खेल की तकनीक का ज्ञान ले रहे थे।
दादा के अनुसार घर पहुंचने पर परमिंद्र सिंह व कोच इंद्रपाल सिंह का बैड बाजों व ढोल के साथ भव्य स्वागत किया जाएगा।
बीटेक का छात्र है परमिंद्र
परमिंद्र सिंह पुणे में बीटेक कंप्यूटर साइंस का छात्र है। पुणे में नेशनल कैंप के दौरान ही परमिंद्र सिंह का चयन एशियन चैंपियनशिप के लिए हुआ था। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त सरपंच एवं परमिंद्र के दादा अमरीक सिंह ने बताया कि परमिंद्र सिंह के पिता इंद्रपाल सिंह मौजूदा समय में भारतीय सेना में सेवाएं देने के साथ-साथ देश के युवाओं को रोइंग की कोचिंग भी दे रहे है। इससे पूर्व परमिंद्र सिंह ने रोइंग की विभिन्न प्रतियोगिता में सात स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक हासिल किए है। जिसमें वर्ष 2019 में एशियन इंडोर रोइंग चैंपियनशिप के एकल व डबल में स्वर्ण पदक, समूह में रजत पदक, दूसरी सीनियर इंडोर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में स्वर्ण, 38 सीनियर इंडोर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक, तीसरी सीनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप 2019 में स्वर्ण पदक हासिल कर गांव व माता पिता का नाम रोशन किया था।