बिजली निगम में हुए लाखों रुपये के गबन के मामले में पेंशनधारक पीस गए हैं। बिजली निगम ने अपने 600 सेवानिवृत कर्मचारियों की पेंशन रोक दी है। पेंशन न मिलने से कर्मचारी परेशान हैं। कभी अधिकारियों को फोन करते हैं तो कभी कार्यालय में चक्कर काटते हैं। निगम ने निर्णय लिया है सभी 600 पेंशनधारकों को कार्यालय बुलाकर उनके दस्तावेजों की जांच की जाएगी। ऐसे में कर्मचारियों ने बिजली निगम के एसई कार्यालय में चक्कर काटने शुरू कर दिए हैं। जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में बिजली निगम में करीब 600 पेंशनधारक हैं। सभी के खाते में महीने की एक या दो तारीख को पेंशन जमा करवा दी जाती है। परंतु मार्च में अब तक कर्मचारियों को पेंशन नहीं मिली है। वह एक दूसरे को फोन करके पेंशन नहीं आने के बारे में पूछ रहे हैं तो कभी सर्कल कार्यालय में फोन घुमा रहे हैं। बिजली निगम के बिलासपुर व जगाधरी डिवीजन में जो फर्जीवाड़ा हुआ है वह सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन व अन्य फंड में ही हुआ है। एक कर्मचारी के नाम से कई बार पेमेंट की गई है। परंतु यह पेमेंट कर्मचारी को न देकर अधिकारियों व कर्मचारियों ने उसी नाम के अपने चहेतों के खाते में जमा करवा दी। करोड़ों रुपये का गबन होने पूरे बिजली महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। बिलासपुर के एक्सईएन नीरज कांबोज ने 63 लाख रुपये व जगाधरी के एक्सईएन भूपेंद्र सिंह ने करीब 25 लाख रुपये के गबन की शिकायत करते हुए थाना बिलासपुर और थाना शहर यमुनानगर में केस दर्ज करवा रखा है।
इस फर्जीवाड़े का पहला केस पानीपत के थाना समालखा में दर्ज हुआ था। पानीपत के टैक्सी चालक के खाते में फर्जीवाड़ा करने वाले कर्मचारियों ने गलती से लाखों रुपये डाल दिए थे। टैक्सी चालक ने समालखा में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। जिसकी जांच पानीपत सीआईए-टू ने शुरू की। सीआईए ने फर्जीवाड़े में बिलासपुर एक्सईएन नीरज कांबोज व अकाउंटेंट योगेश लांबा को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया था। गिरफ्तारी से पहले नीरज कांबोज ने अपने कार्यालय के अकाउंटेंट योगेश लांबा, एलडीसी राघव वंधावन, डिप्टी सुपरिटेंडेंट राकेश नंदा व समालखा में तैनात डिप्टी सुपरिटेंडेंट चक्रवर्ती शर्मा के खिलाफ केस दर्ज कराया था। चक्रवर्ती शर्मा ने खुद पर लगे आरोपों को झूठा बताते हुए नोट लिख कर आत्महत्या कर चुके हैं। गत सप्ताह ही बिजली निगम के एसई राजेंद्र कुमार ने कई सालों से एक जगह काम कर रहे डाटा एंट्री ऑपरेटरों को बदला था। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद बिजली निगम की तरफ से बिलासपुर व जगाधरी डिवीजन का ऑडिट कराया जा रहा है।
एसई राजेंद्र कुमार ने बताया कि करीब 600 सेवानिवृत्त कर्मचारियों की मार्च माह की पेंशन रोकी है। सभी पेंशनधारकों से कहा गया है कि वह अपना आधार कार्ड कार्यालय में उपलब्ध करवा दें। जो दस्तावेज दिखाते रहेंगे उनकी पेंशन खाते में जमा कराते रहेंगे।