खुद के अस्तित्व के लिए जूझ रहा कई राज्यों को पानी देने वाला हथिनीकुंड बैराज पुल
भारी वाहनों की आवाजाही से पुल जगह-जगह से होने लगा क्षतिग्रस्त, पुल के नीचे सीमेंट के ब्लॉक पानी में बहे
उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के हल्के वाहनों को आवागमन की दी गई थी छूट, गुजारे जा रहे बड़े वाहन
नवाब खान
प्रतापनगर। कई राज्यों को पानी देकर जीवनदान देने वाला हथिनीकुंड बैराज के खुद के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। बैराज के पुल से गुजरने वाले भारी वाहनों के चलते यह पुल कई जगहों पर क्षतिग्रस्त होने से कमजोर हो रहा है। समय रहते सिंचाई विभाग नहीं चेता तो इस बैराज पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
पिछले एक सप्ताह से हुई बारिश से पुल की सुरक्षा के लिए नीचे लगाए गए ब्लॉक भी पानी में बह गए हैं। हालांकि विभाग की तरफ से कुछ दिन पहले इनकी मरम्मत की गई थी, लेकिन भारी वाहनों के चलते पुल में दोबारा से गड्ढे बन गए हैं। बरसात के सीजन में हथिनी कुंड बैराज से 10 से 15 लाख क्यूसेक तक पानी छोड़ा जाता है। ऐसे में हथिनी कुंड बैराज के दोनों तरफ हर वर्ष करोड़ों रुपए की लागत से ब्लॉक लगाए जाते हैं। हथिनी कुंड बैराज पर पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल ने करोड़ों रुपए की लागत से बैराज और पुल बनवाया था। 1996 में पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ। सन 2000 बनकर तैयार हो गया था। यह पुल सिंचाई विभाग के निजी कार्यों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड को जोड़ने का काम करता है। पुल पर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आने जाने वाले हल्के वाहनों को छूट दी गई थी। सिंचाई विभाग और पुलिस की लापरवाही के चलते मौजूदा समय में इस पुल से भारी वाहनों को गुजारा जा रहा है।
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70 टन की जगह 120 टन के गुजार रहे हैं भारी वाहन
दो वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने दौरे के दौरान हथिनी कुंड बैराज पर 70 टन के वाहन गुजारने की अनुमति दी थी लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के चलते मौजूदा दौर में 100 से 120 टन के भारी वाहन पुल से गुजर रहे हैं। रात को भारी वाहनों की संख्या कुछ ज्यादा ही बढ़ जाती है। इसके चलते पुल के अस्तित्व के लिए संकट पैदा हो गया है।
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बैराज के दोनों तरफ 11 किमी तक अवैध खोदाई प्रतिबंधित
हथिनी कुंड बैराज के दोनों तरफ लगभग 11 किलोमीटर दूर तक किसी प्रकार की कोई भी अवैध खोदाई, नहर में उतरना, नहाना या अन्य कोई भी गतिविधि नहीं हो सकती। बावजूद उसके हथिनी कुंड बैराज के दोनों तरफ से भारी मात्रा में अवैध खनन हुआ है, जोकि हथिनी कुंड बैराज के दोनों तरफ देखा जा सकता है। इस बारे में एसडीओ सिंचाई विभाग धर्मपाल सिंह का कहना है कि पुल की सुरक्षा में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी। आला अधिकारियों की अनुमति के बाद ही यहां से कुछ टन माल लेकर वाहनों की आवाजाही होती है। पुल की सुरक्षा को देखते हुए उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा अगर जरूरत पड़ी तो बड़े वाहनों को तुरंत बंद करवाया जाएगा।
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अवैध गतिविधियां नहीं होंगी बर्दाश्त
सिंचाई विभाग के एक्सईएन विनोद कुमार का कहना है कि बैराज पुल की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। पुल पर मरम्मत के लिए कर्मचारियों को भेजा जाएगा। उनका कहना है कि पुल के नीचे पानी में खिसके सीमेंट के ब्लॉकों की भी मरम्मत करवाई जाएगी। उन्होंने पुल से गुजरने वाले भारी वाहनों पर भी रोक लगाने की बात कही है।
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